प्रस्ताव. इज्मा के चेयरमैन व डेपुटी चेयरमैन ने केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी से की मुलाकात
कोलकाता : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2020 तक देश में सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल पूरी तरह बंद करने का लक्ष्य रखा है. इस लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में दो अक्तूबर से देशभर में सिंगल यूज प्लास्टिक को बैन किया जा रहा है. सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध से जूट उद्योग बहुत ही उत्साहित है और इसे जूट उद्योग के पुनर्जीवित होने के एक अवसर के रूप में देख रहा है.
इंडियन जूट मिल्स एसोसिएशन (इज्मा) व गैर लाभकारी संस्था जूट फाउंडेशन ने सिंगल यूज प्लास्टिक के बैग की जगह मल्टी यूज जूट के बैग को विकल्प के रूप में पेश किया है.
इस बाबत मंगलवार को केंद्रीय सामाजिक एवं बाल कल्याण व वस्त्र मंत्री स्मृति इरानी से इज्मा के अध्यक्ष राघेंद्र गुप्ता तथा उपाध्यक्ष ऋषभ काजरिया ने कोलकाता एयरपोर्ट पर मुलाकात की और उन्हें मल्टी यूज बैग के रूप में जूट के बैग के इस्तेमाल का प्रस्ताव दिया.
उल्लेखनीय है कि इस बाबत सोमवार को दिल्ली में इज्मा के प्रतिनिधियों व जूट फाउंडेशन के प्रमुख सिद्धार्थ सिंह ने केंद्रीय वस्त्र विभाग के प्रधान सचिव रवि माथुर से मुलाकात की थी और जूट बैग के इस्तेमाल को लेकर जागरूकता फैलाने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई.
प्लास्टिक के बैग का अच्छा विकल्प बन सकता है जूट का बैग
केंद्रीय मंत्री को दिये गये प्रस्ताव में कहा गया है कि सिंगल यूज प्लास्टिक बैग की जगह जूट बैग अच्छा विकल्प हो सकता है. यह न केवल उपयोगिता की दृष्टि से सही है, बल्कि आमलोगों के बीच स्वीकार्य भी है.
ब्रिटेन का उदाहरण देते हुए बताया गया है कि ब्रिटेन में जूट के बैग का फिर से इस्तेमाल करने पर शॉपिंग के दौरान न केवल प्वाइंट दिये जाते हैं, बल्कि इससे प्लास्टिक के बैग के इस्तेमाल पर भी रोक लगाने में मदद मिली है.
