राज्य के बुद्धिजीवियों की नयी सूची बना रही भाजपा

नवीन कुमार राय , कोलकाता : प्रदेश भाजपा की ओर से राज्यभर में सदस्यता अभियान जोरों से चल रहा है. इसके तहत केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर राज्य के बुद्धिजीवियों और प्रबुद्ध व्यक्तियों के घर जाकर उनको पार्टी से जोड़ने की कवायद की जा रही है. तय किया गया था कि शनिवार व रविवार को […]

नवीन कुमार राय , कोलकाता : प्रदेश भाजपा की ओर से राज्यभर में सदस्यता अभियान जोरों से चल रहा है. इसके तहत केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर राज्य के बुद्धिजीवियों और प्रबुद्ध व्यक्तियों के घर जाकर उनको पार्टी से जोड़ने की कवायद की जा रही है.

तय किया गया था कि शनिवार व रविवार को पार्टी की ओर से प्रदेश के नेता राज्य के बुद्धिजीवियों के घर पहुंचेंगे. इसके लिए सौमित्र चट्टोपाध्याय, शंख घोष, रुद्र प्रसाद सेनगुप्ता, विभाष चक्रवर्ती सरीखे लोगों के घर जाने की बात थी.
केंद्रीय नेताओं ने इस बाबत एक तालिका बना कर प्रदेश के नेताओं को दिया था और उनसे संपर्क करने को कहा गया था, हालांकि इस तालिका में शामिल कई नाम पर प्रदेश भाजपा को आपत्ति है. उनके अनुसार ये बुद्धिजीवी नहीं, बल्कि ममतापंथी कथित बुद्धिजीवी हैं. तालिका में जिनके नाम थे, वह लोग ममता बनर्जी के गुड बुक वाले हैं.
लिहाजा प्रदेश भाजपा ने इस तालिका को दरकिनार करना ही बेहतर समझा. प्रदेश भाजपा के महासिचव संजय सिंह के मुताबिक तालिका में शामिल कई बुद्धिजीवियों की छवि जनता के बीच स्वार्थी व पक्षपाती के तौर पर है. उनके पास जाने से पार्टी की छवि खराब होगी. इसलिए हम लोगों इनसे परहेज करने का फैसला किया.
प्रदेश भाजपा अपनी तरह से बुद्धिजीवियों की एक तालिका बना रही है. उसके आधार पर उनसे संपर्क कर उनको पार्टी से जोड़ने का काम शुरू किया जायेगा. इस सिलसिले में सभी जिलों में तालिका बनाने का काम शुरू हो चुका है. सात अगस्त से प्रदेश भाजपा नयी तालिका में शामिल लोगों के घर जाना शुरू करेगी.
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर संबंध बनाओ अभियान के तहत सौमित्र चट्टोपाध्याय के घर भाजपा के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा पहुंचे थे. वह शंख घोष के घर भी गये थे.
भाजपा के नेता व पूर्व विधायक शमिक भट्टाचार्य विभाष चक्रवर्ती, चंदन सेन, रुद्र प्रसाद सेनगुप्त के घर गये थे. इसी तरह अन्य नेता भी बुद्धिजीवियों के घर गये थे. वहीं प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष शुरू ने बुद्धजीवियों से परहेज रखा. वह सेना के अवकाश प्राप्त अधिकारियों से लगातार संबंध स्थापित कर रहे थे.
संजय सिंह ने बताया कि बंगाल में जो लोग खुद को बुद्धिजीवी के रूप में स्थापित कर सरकारी सुविधा ले रहे हैं. उनमें से ज्यादातर भाजपा विरोधी मानसिकता रखते हैं.
इसीलिए उनके पास जाकर समय व्यर्थ करने की जगह जो लोग वाकई बुद्धिजीवी व समाज के प्रबुद्धजन हैं, हम उनके पास जायेंगे और उनको पार्टी से जोड़ेंगे. यह भाजपा के लिए फायदेमंद है और पार्टी का जनाधार बढ़ाने में मदद करेगा.

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