मेट्रो के दरवाजे में हाथ-पैर फंसा ट्रेन रोकी तो होगी जेल व लगेगा जुर्माना

छह माह की जेल हो सकती है और लग सकता है 1000 रुपये जुर्माना कोलकाता : यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मेट्रो रेल प्रबंधन ने अब दंडात्मक रुख अख्तियार करने का निर्णय लिया है. मेट्रो के दरवाजे में अगर कोई व्यक्ति हाथ, पैर, बैग अथवा कुछ अन्य सामान फंसा कर ट्रेन को रोकता […]

छह माह की जेल हो सकती है और लग सकता है 1000 रुपये जुर्माना

कोलकाता : यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मेट्रो रेल प्रबंधन ने अब दंडात्मक रुख अख्तियार करने का निर्णय लिया है. मेट्रो के दरवाजे में अगर कोई व्यक्ति हाथ, पैर, बैग अथवा कुछ अन्य सामान फंसा कर ट्रेन को रोकता है तो उसे 1000 रुपये जुर्माना या छह महीने की जेल या दोनों सजा हो सकती है.
रेल अधिनियम के तहत यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. इसकी निगरानी की जिम्मेदारी स्टेशन की सुरक्षा में तैनात रहने वाले रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की होगी. इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे के जरिये सीधे मेट्रो मुख्यालय से भी इसकी निगरानी होगी.
दरअसल मेट्रो के दरवाजे में अत्याधुनिक सेंसर लगे होते हैं. इसकी खासियत यह है कि दरवाजे में अगर कोई भी चीज फंस जाये तो दरवाजा तुरंत खुल जाता है और जब तक दरवाजा खुला रहता है तब तक मेट्रो ट्रेन नहीं खुलती. ऐसे में कई बार ट्रेन जब खुलने वाली होती है तब लोग दौड़कर चढ़ने की कोशिश करते हैं और मेट्रो में सवार लोग हाथ या बैग आदि फंसा कर दरवाजा खोल देते हैं.
गत शनिवार को पार्क स्ट्रीट मेट्रो स्टेशन पर सजल कांजीलाल (66) की मौत भी संभवत: इसी वजह से हुई थी. सीसीटीवी कैमरे में देखा जा सकता है कि ट्रेन खुलने के चंद सेकंड पहले उन्होंने अपना हाथ मेट्रो के दरवाजे में फंसाया था ताकि दरवाजा खुल जाये और वह चढ़ सकें, लेकिन दरवाजा नहीं खुला था और उनकी मौत हो गयी थी. रेलवे कानूनों में यह नियम है कि अगर कोई अवैध तरीके से ट्रेन को रोकने कोशिश करता है तो उस पर जुर्माना लगता है. अब इस नियम को मेट्रो में लागू किया जा रहा है, जिससे सजल कांजीलाल की तरह दूसरी दुर्घटना को टाला जा सकेगा.

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