लोकसभा चुनाव सिर्फ एक पड़ाव, विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत का लक्ष्य : विजयवर्गीय

– संगठन निर्माण पर दिया जोर, विस चुनाव में 220 सीटों पर जीत का रखा लक्ष्य कोलकाता : भाजपा के महासचिव व प्रदेश भाजपा के केंद्रीय प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने मंगलवार को कहा कि लोकसभा चुनावों में बंगाल में भाजपा को मिली जीत को पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा विनम्रता से स्वीकार किया जाना चाहिए, क्योंकि लोग […]

– संगठन निर्माण पर दिया जोर, विस चुनाव में 220 सीटों पर जीत का रखा लक्ष्य

कोलकाता : भाजपा के महासचिव व प्रदेश भाजपा के केंद्रीय प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने मंगलवार को कहा कि लोकसभा चुनावों में बंगाल में भाजपा को मिली जीत को पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा विनम्रता से स्वीकार किया जाना चाहिए, क्योंकि लोग अगले विधानसभा चुनावों में भाजपा को एक वैकल्पिक ताकत के तौर पर देख रहे हैं.

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने राज्य में पार्टी के सभी प्रतिनिधियों एवं नेताओं से अनुरोध किया कि वे जनता के बीच जाकर भविष्य की चुनौतियों के लिए खुद को तैयार करें और संगठन को मजबूत करें. लोकसभा चुनाव केवल एक पड़ाव है. विधानसभा चुनाव में जीत लक्ष्य है. विधानसभा चुनाव में 220 सीट हासिल करेंगे.

उल्लेखनीय है कि बंगाल की कुल 42 लोकसभा सीटों में से 18 पर भाजपा को जीत मिली है. तृणमूल कांग्रेस ने 2014 में 34 सीटें जीती थी, लेकिन इस बार उसकी सीटें घटकर 22 रह गयी हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ‘अहंकारी प्रशासक’ करार देते हुए श्री विजयवर्गीय ने कहा कि लगातार दो बार सत्ता में आने के बावजूद तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल के लोगों की सेवा का सुनहरा मौका गंवा दिया.

हमने लोगों का दिल जीता है

उन्होंने कहा : हमने लोगों का दिल जीता है. हमें जनता का आशीर्वाद मिला है. जीत की स्थिति में हमें ज्यादा विनम्र होना चाहिए. हमें अहंकारी नहीं बनना चाहिए. जनता हमें देख रही है. बंगाल के लोगों ने हमारी जीत सुनिश्चित की है, इसका मतलब है कि उन्होंने हमें अतिरिक्त जिम्मेदारी दी है.

लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद निर्वाचित प्रतिनिधियों और प्रदेश इकाई के पदाधिकारियों के साथ अपनी पहली बैठक में भाजपा के पश्चिम बंगाल प्रभारी श्री विजयवर्गीय ने कहा : हमें अपेक्षाओं पर खरा उतरना चाहिए और उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अहंकार के कारण बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के बुरे दिन आये हैं. उन्होंने कहा कि यदि ममता बनर्जी की पार्टी विनम्र होती तो उसे ऐसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता.

विजयवर्गीय ने कहा : वे सत्ता सुख भोगने में इतने व्यस्त हो गये कि वे लोगों की सेवा करना ही भूल गये. उन्होंने आतंक का राज कायम कर दिया और लोग उनके खिलाफ वोट करने लगे. अब हमें राज्य में अगले विधानसभा चुनावों की तैयारी करनी चाहिए. ‘जय श्री राम’ के नारों पर ममता बनर्जी के भड़कने की आलोचना करते हुए विजयवर्गीय ने हैरत जतायी और सवाल किया कि क्या बंगाल में यह नारा लगाना अपराध है.

जय हिंद और जय मां काली बोलने में हमें कोई आपत्ति नहीं

उन्होंने कहा, ‘क्या बंगाल में ‘जय श्री राम’ का नारा लगाना अपराध है? यह अपराध क्यों है, हम चाहेंगे कि ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के नेता इसे स्पष्ट करें.’ ममता बनर्जी के ‘जय हिंद’ और ‘जय बांग्ला’ नारों का जिक्र करते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि उनकी पार्टी को इससे कोई समस्या नहीं है.

उन्होंने कहा : हमें इन नारों से कोई दिक्कत नहीं है, क्योंकि ‘जय हिंद’ और ‘वंदे मातरम’ तो हमारे स्वतंत्रता संघर्ष का अभिन्न हिस्सा रहे हैं. उन्होंने कहा : हम जय हिंद भी बोलेंगे, जय बांग्ला भी बोलेंगे, जय श्री राम भी बोलेंगे और जय मां काली भी बोलेंगे. इसमें उन्हें कोई आपत्ति नहीं है.

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