कोलकाता : लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच वाकयुद्ध और राजनीतिक लड़ाई चरम पर है. दोनों एक दूसरे के धुर विरोधी माने जाते हैं, लेकिन सुश्री बनर्जी के प्रधानमंत्री को उपहार दिये जाने के प्रसंग का खुलासा होने के बाद बंगाल की राजनीति में उबाल आ गया है.
उपहार को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गयी है. उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ने अभिनेता अक्षय कुमार को दिये साक्षात्कार में खुलासा किया है कि ममता उन्हें खुद ही प्रत्येक वर्ष कुर्ता भेजती हैं तथा वह कुर्ता खुद अपनी पसंद की खरीदती है. इसके साथ ही बांग्लादेश की प्रधानमंत्री उन्हें वर्ष में दो-तीन बार बंगाली स्वाद की मिठाई भेजा करती हैं, जब ममता दीदी को यह जानकारी मिली, तो वह उन्हें वर्ष में दो-तीन बार मिठाइयां भी भेजती हैं.
प्रधानमंत्री के बयान के बाद ममता बनर्जी ने पलटवार करते हुए कहा : जो भी मेरे पास आता है. मैं उसे चाय पिलाती हूं और मिठाई भी खिलाती हूं. यह हमारी परंपरा है, लेकिन चाय पिलायेंगे, मिठाई खिलायेंगे, लेकिन एक भी वोट नहीं देंगे. माकपा के राज्य सचिव डॉ सूर्यकांत मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री जानबूझ कर या फिर अनजान में ममता द्वारा मिठाई व कुर्ता उपहार भेजे जाने की बात भले ही कही हो, लेकिन इससे साबित हो गया है कि मोदी और ममता दोनों एक ही हैं और दोनों में मिलीभगत है.
तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि मोदी को यदि साहस है, तो वह बंगाल की जनसभा में यह बात स्वीकार करें कि दीदी उन्हें मिठाई भेजती हैं, लेकिन बंगाल में कुछ और कहते हैं और दिल्ली में कुछ और कहते हैं. यह उनका दोहरापन है.
