कोलकाता : जेल से बाहर निकालने के नाम पर 1.10 लाख रुपये ठगने के आरोप में नकली वकील को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार आरोपी का नाम विकास सिंह है. वह गिरीश पार्क इलाके के प्यारी दास लेन का रहनेवाला है. लेकटाउन की रहनेवाली सांत्वना दास ने पुलिस को बताया कि डकैती के मामले में उसका भाई तापस दास अलीपुर प्रेसिडेंसी जेल में बंद है.
उसे जेस से निकालने के लिए वह कई वकील के पास गयी, लेकिन कोई राजी नहीं हुआ. इसी बीच किसी से उसे गिरीश पार्क में रहनेवाले विकास के नाम का पता चला.
विकास से मिलने पर उसने 1.5 लाख रुपये के बदले तापस को जेल से बाहर निकालने का आश्वासन दिया. एडवांस के तौर पर एक लाख 10 हजार रुपये लेने के बावजूद भाई जेल से नहीं निकला. काफी दबाव देने पर विकास ने हाइकोर्ट की ऑर्डर कॉपी उसे थमी दी, जिसमें तापस के जमानत की बात लिखी थी. साथ में प्रेसिडेंसी जेल की एक ऑर्डर कॉपी दिखायी, जिसमें कुछ निजी कारण से रिहा करने में देर होने की बात लिखी गयी थी. ऑर्डर कॉपी लेकर जब सांत्वना प्रेसिडेंसी जेल पहुंची, तो जेल अधिकारियों ने उसके नकली होने का खुलासा किया. इसके बाद पीड़िता गिरीश पार्क थाने पहुंची और सभी कागजात थाने के प्रभारी को दिखायी. उसकी शिकायत पर आरोपी विकास को गिरफ्तार कर लिया गया.
अदालत में पेश करने पर उसे 11 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. बताया जा रहा है कि इसके पहले भी वह खुद को वकील बता कर कई लोगों को ठग चुका है.
