कोलकाता : बस मालिकों के बस किराये में वृद्धि की मांग पर विचार को लेकर परिवहन सचिव अलापन बंद्योपाध्याय के नेतृत्व में ऑटोमोबाइल विशेषज्ञ कमेटी का गठन किया गया है. इस कमेटी में ऑटोमोबाइल क्षेत्र से जुड़े इंजीनियर, विशेषज्ञ, विश्लेषक व अन्य प्रतिनिधि शामिल होंगे. यह कमेटी यह विचार करेगी कि डीजल की कीमत में वृद्धि के मुकाबले कितना किराया बढ़ाया जाये या नहीं बढ़ाया जाये. गुरुवार को विधानसभा में परिवहन को लेकर गठित ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक हुई.
बैठक में शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी, परिवहन मंत्री मदन मित्र, युवा कल्याण मामलों के मंत्री अरूप विश्वास, एसयूसीआइ के विधायक तरुण नस्कर आदि शामिल थे. बैठक में परिवहन यात्री कमेटी के दो संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल थे.
बैठक में परिवहन यात्री कमेटी ने साफ कर दिया कि बिना किसी कारण किराया नहीं बढ़ाया जाये. दूसरी ओर, श्री नस्कर ने कहा कि किराया बढ़ाने की जगह राज्य सरकार विक्रय कर व अधिभार को घटाने पर विचार करे. इससे बस मालिकों पर भी दबाव घटेगा व यात्रियों पर भी कम भार पड़ेगा. बैठक के बाद पार्थ चटर्जी ने बताया कि परिवहन मंत्री ने ऑटोमोबाइल विशेषज्ञ कमेटी के गठन का निर्णय किया गया है. यह कमेटी सात दिनों के अंदर मंत्री समूह को रिपोर्ट देगी. उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा में वृद्धि की जरूरत है तथा मंत्री समूह का काम केवल बस किराया देखना नहीं है, बल्कि यात्रियों की सुविधा पर भी नजर रखना है. सरकार के एक वर्ग का मानना है कि यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए किराये में वृद्धि करना जरूरी है, लेकिन सामने आकर कोई कहना नहीं चाह रहा है.
बिना सिंचाई विभाग की अनुमति के चंदननगर नदी के पास मकान निर्माण नहीं
राज्य के सिंचाई मंत्री राजीव बनर्जी ने विधानसभा में बताया कि चंदननगर नदी किनारे में अब कोई भी आवास का निर्माण बिना सिंचाई विभाग की अनुमति के नहीं होगा. इसके लिए सिंचाई विभाग से एनओसी लेना होगा. उन्होंने कहा कि पहले पंचायत व नगरपालिका से अनुमति मिलने पर मकान बनाया जा सकता था, लेकिन इसमें गड़बड़ी की शिकायतें मिली. उन्होंने कहा कि अब से टालीनाला सफाई व सौंदर्यीकरण का काम कोलकाता नगर निगम करेगा. पहले यह काम सिंचाई विभाग के अधीन था. राज्य सरकार तिस्ता परियोजना को प्राथमिकता दे रही है.
