कोलकाता : व्यापारिक संबंधों से और मजबूत होंगे भारत-बांग्लादेश के रिश्ते

कोलकाता : दक्षिण एशिया में बांग्लादेश भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार देश है. दोनों देशों के बीच लगभग नौ बिलियन डॉलर का वार्षिक कारोबार होता है. इन देशों में व्यापार कनेक्टिविटी, ऊर्जा, सुरक्षा और खुफिया तंत्र में आपसी सहयोग बढ़ा है. व्यापारिक संबंधों के अधिक विस्तार होने से दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत […]

कोलकाता : दक्षिण एशिया में बांग्लादेश भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार देश है. दोनों देशों के बीच लगभग नौ बिलियन डॉलर का वार्षिक कारोबार होता है. इन देशों में व्यापार कनेक्टिविटी, ऊर्जा, सुरक्षा और खुफिया तंत्र में आपसी सहयोग बढ़ा है. व्यापारिक संबंधों के अधिक विस्तार होने से दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे.

ये बातें बांग्लादेश के चटगांव चेंबर ऑफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष एम आलम ने कही. वह भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार के विस्तार के लिए बुधवार को यहां द बंगाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और चटगांव चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों की बैठक में शामिल हुए.
बैठक के बाद संवाददाताओं से आलम ने कहा कि बांग्लादेश सरकार ने भारत के साथ व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए भारतीयों के लिए इकोनॉमिक जोन बनाया है. ढाका-चटगांव हाइवे के निकट मिरसराई स्थित करीब 36 हजार एकड़ में फैले इकोनॉमिक जोन भारतीय निवेशकों के लिए अनुकूल साबित होगा.
इकोनॉमिक जोन से बांग्लादेश का गेटवे माने जाने वाला चटगांव बंदरगाह नजदीक होने के कारण यहां आयात-निर्यात की सुविधा भी है. आलम ने भारतीय निवेशकों से वहां निवेश करने का आग्रह करते हुए कहा कि दोनों देशों के सीमावर्ती इलाकों के जरिये भी व्यापार की गति बढ़ानी काफी जरूरी है.
द बंगाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के वरिष्ठ उपाध्यक्ष देव ए मुखर्जी ने कहा कि भारत-बांग्लादेश के बीच व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए वह लगातार प्रयासरत हैं. दोनों देशों के वाणिज्य के दो मंडलों के बीच आपसी सहयोग और बातचीत से क्षेत्रीय व्यापारिक संबंधों को और मजबूती मिलेगी.

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