वामो ने लगाया तृणमूल सरकार पर हड़ताल समर्थकों को रोकने का आरोप, बोले सूर्यकांत
कोलकाता : केंद्रीय ट्रेड यूनियन व फेडरेशन समूह द्वारा आहूत दो दिवसीय हड़ताल का पहला दिन जनता का पूरा समर्थन रहा. आरोप के अनुसार कई जगहों पर हड़ताल समर्थकों पर आक्रमण करने व दबाव डालने के लिए सत्तारूढ़ दल के समर्थक भी सड़कों पर उतरे व हड़ताल को विफल करने के लिये पुलिस-प्रशासन का भी सहारा लिया गया. कई जगहों पर हड़ताल के समर्थन में शांतिपूर्ण कार्यसूची के दौरान डॉ सुजन चक्रवर्ती समेत अन्य वामपंथी नेताओं व कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार भी किया गया, लेकिन हड़ताल के प्रभाव को रोका ना जा सका.
हड़ताल को विफल करने के लिये कई जगहों पर हड़ताल समर्थकों पर हमले किये गये. यदि हड़ताल के दूसरे दिन हमले हुए, तो इसका उपर्युक्त जवाब दिया जायेगा. यह बात माकपा के प्रदेश सचिव डॉ सूर्यकांत मिश्रा ने कहीं. उन्होंने कहा कि मंगलवार को सरकारी बसें चलायी गयीं व कथित तौर पर कुछ निजी वाहनों को जबरन सड़कों पर उतारा गया. लेकिन अन्य दिनों की तुलना में यात्रियों की संख्या कम रही. हड़ताल का असर राज्य के हर क्षेत्रों में देखा गया. उन्होंने हड़ताल के दूसरे दिन भी जनसमर्थन का आह्वान किया है.
भाजपा-तृणमूल की नीति समान : विमान
जनविरोधी नीतियों के खिलाफ केंद्रीय ट्रेड यूनियन व फेडरेशन समूह का दो दिवसीय हड़ताल जारी है. हड़ताल के पहले दिन जो लोग हड़ताल के विरोध के लिये उतरे, संभवत: वे भी जनविरोधी नीति के पक्षधर हैं. यह बात राज्य में वाममोर्चा के चेयरमैन विमान बसु ने कहीं है. उन्होंने कहा कि हड़ताल भाजपा नीत केंद्र सरकार के खिलाफ है. राज्य में हड़ताल के विरोध तृणमूल कांग्रेस कर रही है. ऐसे में यह कहना शायद गलत नहीं होगा कि भाजपा और तृणमूल कांग्रेस की नीतियों में कोई फर्क नहीं है.
सरकार ने की हड़ताल को विफल करने की कोशिश : मन्नान
कोलकाता : कांग्रेस विधायक और विधानसभा में विपक्ष के नेता अब्दुल मन्नान ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने ट्रेड यूनियनों की हड़ताल को विफल करने की सक्रिय कोशिश की. ऐसा समूचे देश में अन्यत्र कहीं नहीं देखने को मिला. श्री मन्नान ने राज्य सरकार की इसके लिए कड़ी निंदा की.
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के रवैये से ही स्पष्ट हो जाता है कि भाजपा का असली दोस्त कौन है. भाजपा की बी टीम के तौर पर यह सरकार काम कर रही है. लेकिन लोगों ने खुद ही हड़ताल को सफल किया और रास्ते पर नहीं निकले. श्री मन्नान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि सीबीआइ प्रमुख को वापस लाने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद प्रधानमंत्री को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने जो निर्देश दिया था सुप्रीम कोर्ट ने उसे खारिज किया. अब उन्हें माफी मांगनी चाहिए.
पहले दिन महानगर से 391 समर्थक गिरफ्तार
गिरफ्तार मेंं 357 पुरुष व 34 महिला समर्थक
241 समर्थकों को थानों व 150 को लालबाजार सेंट्रल लाॅकअप में रखा गया
देर रात तक सभी समर्थकों को कर दिया गया रिहा
कोलकाता : दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन मंगलवार को पूरे महानगर से कुल 391 हड़ताल समर्थकों को गिरफ्तार किया गया. इसमें 357 पुरुष व 34 महिला समर्थक शामिल थे. गिरफ्तार 241 समर्थकों को विभिन्न थानों में रखा गया था, जबकि 150 बंद समर्थकों को लालबाजार के सेंट्रल लॉकअप में रखा गया था. देर रात तक सभी को रिहा कर दिया गया. कोलकाता पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) प्रवीण त्रिपाठी ने बताया कि इनमें से उत्तर कोलकाता से चार, मध्य कोलकाता से 96, इएसडी विभाग से 66, एसइडी विभाग से 52, दक्षिण कोलकाता से 70, पोर्ट इलाके से 09, एसएसडी विभाग से 46, एसडब्लूडी विभाग से 16 और इडी विभाग से 32 बंद समर्थकों को गिरफ्तार किया गया है.
ट्रेड यूनियन के नेताओं की गिरफ्तारी की निंदा
कोलकाता : केंद्रीय ट्रेड यूनियन और फेडरेशन समूह द्वारा बुलाये जाने वाले दो दिवसीय हड़ताल का प्रभाव पूरे राज्य में दिखा. आरोप के अनुसार कई जगहों पर हड़ताल समर्थकों पर सत्तारूढ़ दल द्वारा हमले किये गये.
हड़ताल के समर्थन में शांतिपूर्वक कार्यसूची के दौरान एटक के प्रदेश सचिव उज्जवल चौधरी, सीटू के प्रदेश सचिव अनादि साहू, एआइसीसीटीयू के महासचिव वासुदेव बोस, दीपंकर भट्टाचार्य समेत कई नेताओं की गिरफ्तारी निंदनीय है. यह बात एटक व सीटू समर्थित टैक्सी संगठनों की ओर से कही गयी है.
एटक समर्थित वेस्ट बंगाल टैक्सी ऑपरेटर्स को-ऑर्डिनेशन कमेटी के संयोजक व नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स के सचिव नवल किशोर श्रीवास्तव और सीटू समर्थित वेस्ट बंगाल टैक्सी वर्कर्स फेडरेशन के पदाधिकारी डी नंदी द्वारा दिये संयुक्त बयान में कहा गया कि हमले और दबाव के बावजूद राज्य के टैक्सी समेत मेटाडोर, मिनीडोर, ओला, उबेर चालकों व मालिकों समेत तमाम श्रमिक वर्ग हड़ताल में शामिल हुए.
