संविधान रक्षा के लिए हमें लेनी होगी शपथ

कोलकाता. अंतर्राष्ट्रीय सहिष्णुता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों से संविधान की रक्षा के लिए शपथ लेने की अपील की है. शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बयान जारी कर कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय सहिष्णुता दिवस है. इस मौके पर हम सभी लोगों को संविधान के उन मूल्यों […]

कोलकाता. अंतर्राष्ट्रीय सहिष्णुता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों से संविधान की रक्षा के लिए शपथ लेने की अपील की है. शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बयान जारी कर कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय सहिष्णुता दिवस है. इस मौके पर हम सभी लोगों को संविधान के उन मूल्यों की रक्षा करने के लिए शपथ लेनी होगी, जो देश के प्रत्येक वर्ग के लोगों के लिए बराबर अधिकार की रक्षा करने वाला है.
अंतरराष्ट्रीय सहिष्णुता दिवस की शुरुआत 1995 में यूनेस्को ने की थी. इसका मुख्य उद्देश्य दुनियाभर में असहिष्णुता से होने वाले खतरों के बारे में लोगों को जागरूक करना था. इसके लिए 16 नवम्बर की तारीख तय की गयी. इस मौके पर दुनियाभर में अनेक सेमिनार आयोजित किये जाते हैं, जिसमें एक-दूसरे की विपरीत विचारधारा का भी सम्मान और उसमें निहित व्यक्तिगत स्वतंत्रता को समझने की अपील की जाती है.
सोशल मीडिया के साथ पारंपरिक प्रचार पर जोर दें : ममता
कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस की कोर कमेटी की बैठक में ममता बनर्जी ने पार्टी को बंगाल के अलावा अन्य राज्यों में सांठनिक रूप से मजबूत करने के लिए नेताओं को जिम्मेवारी बांटी है. इसके तहत झारखंड, बिहार और असम के साथ त्रिपुरा पर विशेष जोर दिया गया है. बैठक में 12 राज्यों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया.
इस दौरान ममता ने भाजपा के हाइटेक प्रचार को कड़ी टक्कर देने के लिए सोशल मीडिया को मजबूत बनाने के साथ पारंपरिक रूप से प्रचार के तरीके मसलन दीवार लेखन, पोस्टर बैनर के साथ घर-घर जाकर जनसंर्पक अभियान के अलावा सभा समितियों पर ज्यादा जोर देने की बात कही है. ममता ने कहा कि प्रचार के दौरान नेताओं की तस्वीर और कटआउट से जितना बचा जाये, उतना ही अच्छा होगा, क्योंकि जनता इस तरह के प्रचार को अच्छी नजर से नहीं देखती है.
उन्होंने सांसद अभिषेक बनर्जी को इसकी जिम्मेवारी देते हुए कहा कि वह वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन प्रचार के काम में तेजी लाये. प्रचार के दौरान क्या मुद्दा रहेगा, इसको बाद में बता दिया जायेगा, लेकिन ज्यादा जोर राज्य सरकार के कार्यों को सामने लाने को कहा गया है. उल्लेखनीय है कि कुछ महीने बाद 2019 में लोकसभा का चुनाव होने वाला है. इसमें मोदी और शाह को टक्कर देने के लिए ममता अभी से कमर कसके मैदान में हैं. कोर कमेटी की बैठक में उन्होंने साफ कहा कि भाजपा पैसों के बल पर चुनाव लड़ती है.
वह लोगों को बिकाऊ समझती है. इस बात को लोगों को समझाना होगा और यह बताना होगा कि वह सीबीआइ और अन्य एजेंसियों के मार्फत लोगों को डराना चाहती है. इसके साथ ही ममता ने प्रचार की जिम्मेवारी छोटे कार्यकर्ताओं और नेताओं को देने का निर्देश देते हुए कहा कि उनके पास वही लोग टिकेंगे जो जनता के साथ रहकर काम करेंगे. अगर कोई यह समझता है कि वह लाबीबाजी करके आगे बढ़ जाएगा तो वह लोग जान लें वैसे लोगों का पत्ता साफ करने में मुझे वक्त नहीं लगेगा.

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