कोलकाता : देश के हेरिटेज सिटी कोलकाता अब अंगदान और प्रत्यारोपण के क्षेत्र में भी मिसाल कायम कर रहा है. पिछले एक पखवाड़े में यहां पांच से अधिक लोगों को आर्गन ट्रांसप्लांट से नया जीवन मिला है. हृदय प्रत्यारोपण से शुरू हुई यह कवायद अब शरीर के हर अंग के प्रत्यारोपण तक पहुंच गयी है.
इस बार यह प्रत्यारोपण महानगर के सीएमआरआई हॉस्पिटल में किया गया. जहां सड़क दुर्घटना के बाद चार दिन तक जिंदगी की जंग हार गये एक मरीज को जैसे ही ब्रेन डेथ घोषित किया गया, वैसे ही उसकी पत्नी सीमा रानी राय अपनी नौ वर्षीय बेटी के साथ हिम्मत दिखाते हुए आगे आईं और कहा कि, ‘‘मैं अपने पति का अंगदान करूंगी. यही मेरी ओर से अपने पति के लिए उपहार होगा.
कम से कम उनके जाने के बाद दूसरों की जिंदगी तो बच जायेगी.” मृतक की पत्नी की इस स्वीकृति के बाद रॉटो की निगरानी में मृतक के शरीर के लीवर से लेकर त्वचा, आंख, किडनी का ट्रांसप्लांट का काम शुरू हुआ. किडनी व स्किन एसएसकेएम तथा आंखें शंकर नेत्रालय को दान कर दी गयी है. जानकारी के अनुसार ब्रेन डेथ घोषित मरीज का नाम रंजन राय (49) है.
जो दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर का रहने वाला था. चार दिन पहले वह महानगर के खिदिरपुर इलाके में एक सड़क दुर्घटना का शिकार हुआ था. सिर में चोट लगने के कारण सीएमआरआई हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जरी विभाग में भर्ती कराया गया था. जहां उसकी सर्जरी भी हुई थी, लेकिन इसके बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका. मंगलवार को अस्पताल की ब्रेन डेथ कमेटी ने मरीज की दो बार जांच के बाद यह घोषणा की. इस दौरान अंगदान के लिए रंजन की पत्नी सीमा को भी राजी कराया गया. उनकी अनुमति मिलते ही अस्पताल प्रबंधन की ओर से अंग प्रत्यारोपण राज्य स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया गया.
मंगलवार रात के करीब 10 बजे तक रिट्रीवल यानी दान किये गये अंगों को रंजीत के शरीर से निकालने की प्रक्रिया चली. इधर, पीजी में किडनी प्रत्यारोपण के लिए बी पॉजेटिव रक्त वाले चार मरीजों को अस्पताल बुला लिया गया था. सभी कोलकाता व इसके आसपास के रहने वाले है. जांच के बाद इनमें से किसी दो मरीज के एक-एक को किडनी प्रत्यारोपित किया जायेगा.
