‘भारत बंद’ में शामिल नहीं होंगे बंगाल के 40 लाख खुदरा व्यापारी

कोलकाता : खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के विरोध में शुक्रवार को व्यापारियों ने ‘भारत बंद’ का एलान किया है. बंगाल के व्यापारियों ने बंद के मुद्दों का समर्थन तो किया है, लेकिन दुर्गापूजा और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अनुरोध के मद्देनजर भारत बंद से खुद को अलग कर लिया है. गौरतलब है कि […]

कोलकाता : खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के विरोध में शुक्रवार को व्यापारियों ने ‘भारत बंद’ का एलान किया है. बंगाल के व्यापारियों ने बंद के मुद्दों का समर्थन तो किया है, लेकिन दुर्गापूजा और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अनुरोध के मद्देनजर भारत बंद से खुद को अलग कर लिया है.
गौरतलब है कि कंफेडरेशन ऑफ ऑल ट्रेडर्स (कैट) की ओर से भारत बंद का एलान किया गया है. गुरुवार को उनके आंदोलन को समर्थन देने के बावजूद दुर्गापूजा को सामने देखते हुए राज्य सरकार की ओर से व्यापारियों की समस्या पर ध्यान देने के आश्वासन दिये जाने के बाद संगठन की पश्चिम बंगाल इकाई ने बंद को वापस लिया.
कंफेडरेशन ऑफ आल ट्रेडर्स (कैट) की पश्चिम बंगाल इकाई के महासचिव रबिशंकर राय (राजा राय) ने बताया कि मुख्यमंत्री ने फोेन पर संपर्क कर संगठन की बंगाल इकाई को पूजा से पूर्व बंद नहीं करने की बात कही है. मुख्यमंत्री की सहानुभूति को देखते हुए बंगाल के खुदरा व्यापारियों से संगठन ने बंद नहीं करने की अपील की है. बंगाल के 40 लाख व्यापारी बंद में शामिल नहीं होंगे, लेकिन केंद्र की एफडीआइ नीति के खिलाफ राज्यभर में प्रदर्शन करेंगे.
बंगाल को बंद मुक्त रखने का अनुरोध
इस बीच, फेडरेशन ऑफ वेस्ट बंगाल ट्रेड एसोसिएशंस ने भी केंद्र सरकार की खुदरा व्यवसाय में एफडीआइ की नीति का विरोध करते हुए बंद के आंदोलन को समर्थन करने के साथ ही भारत बंद के दिन बंगाल को बंद से मुक्त रखने का अनुरोध किया है. संगठन के चेयरमैन महेश कुमार सिंघानिया ने इस दिन बंद समर्थन और बंद वापस को लेकर किसी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसे ध्यान में रखकर शांति बनाये रखने की अपील की है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >