कोलकाता: भाजपा नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री तपन सिकदर का अंतिम संस्कार मंगलवार को नीमतला श्मशानघाट में किया गया. उनके अंतिम संस्कार में जनसैलाब उमड़ आया था. सोमवार को सुबह दिल्ली के एम्स में श्री सिकदर का निधन हो गया था.
सोमवार को रात को उनका शव महानगर लाया गया और पीस हेवन में रखा गया था. मंगलवार सुबह करीब 8.15 बजे पीस हेवन से उनका शव इंटाली में उनके द्वारा ही स्थापित ‘मालदा सम्मिलनी’ में लाया गया. इसके बाद सुबह करीब नौ बजे श्यामबाजार के उनके निवास्थान पर शव को ले जाया गया. वहां पर उनके रिश्तेदारों व मोहल्ले के लोगों ने उनके अंतिम दर्शन किये. इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को प्रदेश भाजपा के मुख्यालय लाया गया.
यहां बड़ी तादाद में लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. श्रद्धांजलि देने वालों में सिद्धार्थ नाथ सिंह व प्रदेश भाजपा के नेताओं के अलावा हृदयनाथ सिंह, माकपा नेता व सांसद मोहम्मद सलीम, रबीन देव, रमला चक्रवर्ती, तापस चटर्जी शामिल थे. कांग्रेस नेताओं में ओम प्रकाश मिश्र, जयप्रकाश मिश्र शामिल रहे. हालांकि राज्य सरकार या फिर तृणमूल कांग्रेस की ओर से कोई प्रतिनिधि यहां मौजूद नहीं था. इस संबंध में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राहुल सिन्हा ने कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के साथ मृत्यु को नहीं जोड़ा जाना चाहिए यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुख्यमंत्री या तो उत्सव में बहुत व्यस्त हैं या फिर जानबूझकर उन्होंने श्रद्धांजलि का कोई संदेश या फिर श्रद्धासुमन भेजना जरूरी नहीं समझा. जबकि श्री सिकदर केंद्रीय मंत्री और प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं. तृणमूल कांग्रेस व राज्य सरकार को छोड़कर सभी पार्टियों की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की गयी. तृणमूल के इस रवैये की भाजपा कड़ी निंदा करती है.
