कोलकाता : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने एनआरसी के मुद्दे पर कहा कि घुसपैठियों को देश में रहने का हक नहीं है. श्री शाह ने एक निजी टेलीविजन चैनल को दिये गये साक्षात्कार में कहा कि असम एकॉर्ड राजीव गांधी ने साइन किया था. उन्होंने कहा कि घुसपैठियों को बाहर निकालने का समझौता राजीव गांधी ने किया था. श्री शाह ने कहा कि असम एकॉर्ड का मुख्य मुद्दा ही एनआरसी था. यह समझौता राजीव सरकार ने किया था. कांग्रेस में एनआरसी लागू करने का दम नहीं था.
श्री शाह ने कहा कि 40 लाख लोग घुसपैठिए घुसे हैं, इन्हें भी मौका दिया जायेगा. लेकिन जो नागरिकता सिद्ध नहीं कर पायेंगे, उन्हें इस देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लेने का हक नहीं है. श्री शाह ने कहा कि एनआरसी पर सभी राजनीतिक दल स्पष्ट कर लें कि देश में घुसपैठिए रहने चाहिए या नहीं. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की आड़ में कांग्रेस भी एनआरसी पर राजनीति कर रही है.
श्री शाह ने कहा कि जो घुसपैठिए नहीं हैं, उन्हें नहीं निकाला जायेगा. श्री शाह ने पूछा कि घुसपैठियों को खोजने की प्रक्रिया पर सवाल क्यों? असम में एनआसी का फैसला होने के बाद देश के बाकी हिस्सों के बारे में फैसला किया जायेगा. इस सवाल के जवाब में श्री शाह ने कहा कि बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं पर अत्याचार हो रहा है.
बंगाल में कानून व्यवस्था ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि 2019 में भाजपा की 22 से ज्यादा सीटे आयेंगी. श्री शाह ने कहा कि राजनीतिक दल एनआरसी में बाधा ना पहुंचाएं. उन्होंने कहा कि पूर्वोतर भारत में हमारी जड़ें मजबूत हुए हैं, बंगाल में हम नंबर दो पार्टी हैं और ओड़िशा में भी हम नंबर दो बन चुके हैं. श्री शाह ने कहा कि पॉलिटिक्स, फिजिक्स नहीं बल्कि केमेस्ट्री होती है. केमेस्ट्री में दो पदार्थ मिलते हैं तो तीसरा प्रोडक्ट ही बनता है. उन्होंने कहा कि बीजेपी के पास 11 करोड़ कार्यकर्ता हैं. श्री शाह ने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों को हमने जितनी तवज्जो दी उतनी कभी नहीं दी गयी.
शाह की सभा में भीड़ जुटाने में जुटी भाजपा
कोलकाता. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की कोलकाता में होनेवाली सभा में भीड़ जुटाने के लिए प्रदेश के नेताओं ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है. सभी दिग्गज नेता जिलावार दौरे पर हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर जिले से भारी संख्या में लोग मेयो रोड की सभा में हिस्सा लेने आयें. इस कड़ी में प्रदेश भाजपा के महासचिव संजय सिंह और सचिव विजय ओझा अासनसोल दौरे पर गये थे. वहां पर दोनों नेताओं पार्टी के विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारियों से बात करके यह सुनिश्चत किया कि युवा मोर्चा की ओर से कोलकाता में होनेवाली सभा में अकेले आसनसोल से 10 हजार से अधिक लोग हिस्सा लेंगे.
हालांकि प्रदेश नेतृत्व इस संख्या को और बढ़ाने पर जोर दे रहा है. चूंकि अमित शाह की सभा के ठीक बाद उसी जगह पर तृणमूल कांग्रेस के छात्र संगठन तृणमूल छात्र परिषद के स्थापना दिवस की सभा होनेवाली है. ऐसे में प्रदेश भाजपा कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है. तृणमूल कांग्रेस की सभा भले ही छात्र संगठन के बैनर तले हो रही हो, कमान पार्टी के दिग्गज नेताओं के हाथ में ही है. उसी तरह भाजपा की ओर से अमित शाह की सभा तो युवा मोर्चा के नाम पर हो रही है, लेकिन तैयारी का सारा इंतजाम प्रदेश भाजपा के नेता संभाल रहे हैं.
ममता के पास कविता लिखने के अलावा कोई काम नहीं होगा
कोलकाता. ममता बनर्जी को कविता लिखने का वक्त मिले, इसके लिए भाजपा मुकम्मल इंतजाम कर देगी, क्योंकि आनेवाले दिनों में उनके पास इसके अलावा कोई काम नहीं रहेगा. यह दावा प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने फोन पर हुई बातचीत में किया है. उन्होंने कहा कि आज-कल ममता बनर्जी कविता के माध्यम से प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार पर निशाना साधती हुईं लोगों को गुमराह कर रही हैं. इस प्रदेश की जनता सबकुछ समझती है और उसने अपना मानस भी बना लिया है.
लिहाजा दो साल बाद उनके पास कविता लिखने और पेंटिंग करने के अलावा कोई काम नहीं रहेगा. उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एनआरसी को लेकर हाल ही में परिचय शीर्षक से एक कविता लिखी है. इसमें केंद्र सरकार पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा गया है. इसके पहले ममता ने गोबर-धन अकाउंट नामक कविता लिखी थी. मन की बात और आधार में उन्होंने धर्म, खान-पान को लेकर केंद्र में सत्ताधारी पार्टी और प्रधानमंत्री का नाम लिये बगैर जमकर कटाक्ष किया था.
मन की बात और आधार को लेकर भी उनके तल्ख तेवर बरकरार रहे. ममता की कविताओं को लेकर दिलीप घोष ने अपना विचार रखते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बंगाल के विकास को लेकर कुछ कर नहीं पा रही हैं. उल्टे वर्ष 2019 में वह प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रही हैं, जिसे सुनकर लोग हंस रहे हैं. खुद विदेश दौरे पर जाकर भी ममता बनर्जी कोई निवेशक नहीं ला पायीं. हर मामले में वह केंद्र सरकार की कमी निकाल रही हैं. उनके लिए राज्य की जनता ने सोच रखा है कि वह चुनाव बाद खाली रहेंगी, इसलिए जमकर कविता लिखेंगी.
बोले राहुल सिन्हा : एनआरसी के समर्थन में आगे आयें भारतीय मुस्लिम
कोलकाता. भाजपा के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने देश के मुसलमानों से अपील की कि वह राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के समर्थन में आगे आएं. साथ ही कहा कि तृणमूल कांग्रेस का इसको लेकर विरोध अपनी विफलताओं से ध्यान बंटाने की कोशिश है. श्री सिन्हा ने कहा कि शरणार्थियों और घुसपैठियों के बीच एक स्पष्ट भेद है.
उन्होंने कहा कि हिंदू, इसाई, बौद्ध जैसे महजब के लोग बांग्लादेश से धार्मिक अत्याचार की वजह से भारत आ रहे हैं. वे शरणार्थी हैं, लेकिन जो उस देश में धार्मिक बहुसंख्यक हैं और रोजगार तथा आर्थिक विकास के फायदे लेने के लिए भारत आ रहे हैं वे घुसपैठिए हैं. श्री सिन्हा ने कहा कि वह भारतीय मुसलमानों खासतौर पर बंगाल में रहने वाले मुस्लिमों से अनुरोध करते हैं कि राज्य में भी एनआरसी जैसी कवायद के समर्थन में आगे आएं. पश्चिम बंगाल तृणमूल कांग्रेस के शासन में घुसपैठियों का अड्डा बन गया है
.’ भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ने कहा कि हमें इसे रोकना है क्योंकि यह हमारी, नौकरियां, भोजन और रोजगार ले रहे हैं.’ उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर अपना रूख बदला है और वह पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री के तौर पर अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाना चाहती हैं. असम में एनआरसी की कवायद के दौरान 30 जुलाई को इसका अंतिम मसौदा जारी किया गया, जिसमें 40 लाख से ज्यादा लोगों के नाम नहीं है.
