मालदा के बाजारों में धड़ल्ले से बिक रही छोटी इलिश, सरकारी रोक की मछुआरे और विक्रेता कर रहे अनदेखी

मालदा : इलिश के संरक्षण के लिए राज्य सरकार ने छोटा आकार की इलिश मछलियों को पकड़ने पर रोक लगा रखी है. लेकिन मालदा के बाजारों में 100 से 200 ग्राम की छोटी इलिश की धड़ल्ले से बिक्री हो रही है. इसके खिलाफ नगरपालिका और प्रशासन ने अब सख्ती दिखाने की बात कही है. मत्स्य […]

मालदा : इलिश के संरक्षण के लिए राज्य सरकार ने छोटा आकार की इलिश मछलियों को पकड़ने पर रोक लगा रखी है. लेकिन मालदा के बाजारों में 100 से 200 ग्राम की छोटी इलिश की धड़ल्ले से बिक्री हो रही है. इसके खिलाफ नगरपालिका और प्रशासन ने अब सख्ती दिखाने की बात कही है. मत्स्य विभाग के उप-निदेशक पार्थ प्रतिम दास ने बताया कि 500 ग्राम से कम वजन की इलिश की बिक्री पर रोक है.
इसे लागू करने के लिए सभी को समन्वित प्रयास करना होगा. आढ़तियों और मछली विक्रेताओं को इस बारे में जागरूक किया जा रहा है. जल्द ही विभिन्न बाजारों और आढ़त में अभियान चलाया जायेगा. इस बारे में मालदा मछली व्यवसायी समिति के सदस्य जहांगीर आलम ने बताया कि हमलोग छोटे आकार की इलिश की बिक्री के पक्ष में कतई नहीं हैं. इसके बावजूद बाहर से बड़ी के साथ छोटी इलिश मछलियां भी भेज दी जाती हैं. नुकसान के डर से मजबूरी में छोटी मछलियों को भी बेचना पड़ता है.
कालियाचक तीन नंबर ब्लॉक के शोभापुर इलाके के मछुआरा रहीम शेख, अब्दुल करीम ने बताया कि इलिश मछली जाल में फंसने के बाद हवा में आते ही मर जाती है, जबकि अन्य मछलियों के मामले में ऐसा नहीं है. इधर, इंगलिशबाजार नगरपालिका के चेयरमैन नीहार घोष ने बताया कि मालदा शहर के विभिन्न बाजारों में छोटी इलिश की बिक्री की खबर मिल रही है. इसके खिलाफ जो भी अभियान चलेगा उसमें मत्स्य विभाग की हर तरह से सहायता की जायेगी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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