कोलकाता : पश्चिम बंगाल का नाम बदल कर सभी भाषाओं में ‘बांग्ला’ रखे जाने का प्रस्ताव गुरुवार को विधानसभा में पेश किया जायेगा. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रस्ताव पेश किये जाने के अवसर पर विधानसभा में उपस्थित रहने की संभावना है. उल्लेखनीय है कि इसके पहले राज्य सरकार द्वारा विधानसभा में 29 अगस्त, 2016 को प्रस्ताव पारित कर पश्चिम बंगाल का नाम बदल कर अंग्रेजी में ‘बंगाल’, बंगाली में ‘बांग्ला’ तथा हिंदी में ‘बंगाल’ करने का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन केंद्र सरकार ने इस प्रस्ताव को वापस लौटा दिया था.
केंद्र सरकार की आपत्ति थी कि एक ही राज्य के नाम तीन अलग-अलग भाषाओं में अलग-अलग नहीं हो सकते हैं. राज्य सरकार को किसी एक नाम का चयन करना होगा. उसके बाद राज्य सरकार ने पश्चिम बंगाल का नाम परिवर्तित कर ‘बांग्ला’ करने का निर्णय लिया है. इस बाबत ही प्रस्ताव गुरुवार को विधानसभा में पेश किया जायेगा. इस बाबत पिछले वर्ष आठ सितंबर को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में एक प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है.
