रेल मदद और मेन्यू ऑन रेल्स से सफर होगा सुहाना, मार्च 2019 तक देश के 68 स्टेशनों के मिलेगा नया रूप रंग, जानें

1.3 अरब भारतीयों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए रेलवे को कर रहे हैं तैयार : मंत्री रेल मंत्री पीयूष गोयल, रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा और रेल राज्य मंत्री राजन गोहांई ने किया ऐप्स को लांच कोलकाता/ नयी दिल्ली : रेल यात्रियों के लिए सफर को और सुहाना और अारामदायक बनाने के लिए […]

1.3 अरब भारतीयों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए रेलवे को कर रहे हैं तैयार : मंत्री
रेल मंत्री पीयूष गोयल, रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा और रेल राज्य मंत्री राजन गोहांई ने किया ऐप्स को लांच
कोलकाता/ नयी दिल्ली : रेल यात्रियों के लिए सफर को और सुहाना और अारामदायक बनाने के लिए भारतीय रेलवे ने दो खास ऐप लॉन्च की है. इस दौरान केंद्रीय रेल एवं कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने मोदी सरकार में रेलवे की चार वर्षीय उपलब्धियों के बारे में मीडिया को जानकारी दी.
कार्यक्रम में संचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा और रेल राज्य मंत्री राजन गोहांई (गुवाहाटी वीसी लिंक के माध्यम से) और रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्वि‍नी लोहानी भी इस अवसर पर जुड़े रहे. गोयल ने 12 शहरों यथा अहमदाबाद, भोपाल, चेन्नई, गुवाहाटी, इम्फाल, जयपुर, कोलकाता, लखनऊ, पुणे, पटना, रायपुर एवं रांची में मौजूद मीडिया के साथ भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की.
रेलवे सफर को और सुहाना और अारामदायक बनाने के लिए भारतीय रेलवे ने सोमवार को दिल्ली से जो दो खास ऐप रेल मदद’ और ‘मेन्यू ऑन रेल्स’ लॉन्च किया उसकी खासियत निम्नांकित है. रेलमंत्रालय के चार वर्षीय उपलब्धी के बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय रेल एवं कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि 2019 में हम महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाएंगे.
इसी के तहत 2014 से ही देशभर में स्वच्छ भारत अभियान चलाया जा रहा है. भारतीय रेलवे भी इस अभियान के साथ अपने स्वच्छ रेल स्वच्छ भारत अभियान के तहत जुड़ा हुआ है. गोयल ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारतीय रेलवे अपने साफ नीयत से देश में विकास का कार्य कर रही है. हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता देशवासियों को सुरक्षा उपलब्ध करवाना है.
भारतीय रेलवे द्वारा यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाने के परिणामस्वरूप ट्रेन दुर्घटनाएं वर्ष 2013-14 के 118 से घटकर वर्ष 2017-18 में 73 रह गई हैं. यानी की ट्रेन दुर्घटनाएं घटकर 62 प्रतिशत के स्‍तर पर आ गई है. रेलवे मंत्रालय द्वारा एक लाख करोड़ रुपये के राष्ट्रीय रेल संरक्षा कोष (आरआरएसके) फंड को 5 वर्षों में सुरक्षा खर्च के लिए आवंटित किया गया है.
असुरक्षित रेलवे क्रॉसिंग की समस्‍या से युद्ध स्तर पर निपटने के लिए पिछले चार वर्षों में 5,479 मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग को
समाप्त किया गया है. सुरक्षा में बेहतरी सुनिश्चित करने के लिए अन्य उपायों के तहत भर्ती के माध्यम से 1.1 लाख सुरक्षा पद भी भरे जा रहे हैं.
कर्मचारी सशक्तीकरण से लेकर कौशल बढ़ाने के नए अवसरों पर ध्यान केंद्रित करते हुए रेलवे अपने कार्यबल में एक नई ऊर्जा भर रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि रेलवे जीवन रेखा बन जाये और जो भारतीय अर्थव्यवस्था को नयी ताकत दे सके और 1.3 अरब भारतीयों की आकांक्षाओं को पूरा कर सके.
मार्च 2019 तक देश के 68 स्टेशनों के मिलेगा नया रूप रंग
रेल मंत्री पियूष गोयल ने कहा कि डिजाइन में स्थानीय कला एवं संस्कृति को बढ़ावा देते हुए रेलवे एस्केलेटर, लिफ्ट, नि:शुल्क वाई-फाई इत्यादि सहित आधुनिक सुविधाएं स्थापित करके स्टेशनों का रूप-रंग पूरी तरह बदलने समेत यात्री सुविधाओं को बेहतरीन कर रही है.
मार्च 2019 तक 68 रेलवे स्टेशनों में सुधार लाया जाना निर्धारित है. सरकार ने तेजस, अंत्योदय एवं हमसफर रेलगाडि़यों का परिचालन शुरू करने समेत रेलगाड़ियों एवं रेल डिब्बों को काफी सुधार दिया है. यात्रियों की यात्रा एवं आराम संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति करते हुए त्योहारी मांग पूरी करने के लिए 1.37 लाख रेल सेवाओं के साथ पिछले चार वर्षों के दौरान 407 नई रेल सेवाएं आरंभ की गयी हैं.
महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाने में रेलवे दे रहा अपना अहम योगदान : महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाने के लिए भारतीय रेल भी अपनी ओर से इसमें अहम योगदान दे रही है. साफ-सफाई, तीसरे या अन्य पक्ष द्वारा स्वतंत्र सर्वेक्षणों सहित स्वच्‍छता, एकीकृत मशीनीकृत साफ-सफाई की शुरुआत, बॉयो-टॉयलेट, गंदगी साफ करने के लिए ऑटोमैटिक रेल-माउंटेड मशीन, इत्यादि पर प्रमुखता के साथ फोकस रहा है.
रेलवे के बुनियादी ढांचे में व्यय हुई दोगुनी
गोयल ने बताया कि नए भारत के लिए बुनियादी ढांचे में व्यय में व्यापक वृद्धि की गई है. पिछले 4 वर्षों में औसत वार्षिक पूंजीगत व्यय दरअसल वर्ष 2009-14 के दौरान हुए औसत व्‍यय की तुलना में दोगुने से भी अधिक है.
रेलवे अत्यंत तेज गति से पूरे भारत को जोड़ रही है. नई लाइनों को चालू करने की औसत गति में 59 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. गोयल ने बताया कि रेलवे ने विद्युतीकरण में छह गुना वृद्धि के साथ टिकाऊ रेल परिवहन की ओर अग्रसर होना शुरू कर दिया है.
मालढुलाई में अनुमानित 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी
रेलवे ने वर्ष 2017-18 में 1,162 एमटी और वर्ष 2016-17 में 1,107 एमटी की सर्वाधिक माल ढुलाई के साथ देश की अर्थव्यवस्था को बेहतर ढंग से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है.
माल ढुलाई आमदनी भी पिछले साल की तुलना में अनुमानित 12 प्रतिशत बढ़कर वर्ष 2017-18 में लगभग 1.17 लाख करोड़ रुपये के स्‍तर पर पहुंच गई है. वर्ष 2019-20 तक विभिन्न चरणों में समर्पित माल गलियारों (डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर) के चालू हो जाने से भी भारतीय अर्थव्यवस्था को काफी बढ़ावा मिलेगा.
मेन्यू ऑन रेल्स : मेन्यू ऑन रेल्स एप्स द्वारा सफर के दौरान यात्री खाने-पीने की चीजों के बारे में सभी जानकारी ले सकेंगे. इस एेप की मदद से यात्री यह जान पाएंगे कि ट्रेन में खाने के लिए क्या-क्या उपलब्ध है. सामान के साथ-साथ उनकी कीमत भी बताई जाएगी. ऐप का इस्तेमाल करते हुए यात्री को पहले यह सिलेक्ट करना होगा कि वह किस ट्रेन में सफर कर रहा है, जैसे राजधानी, शताब्दी, दूरंतो, गतिमान या फिर तेजस. इसके हिसाब से उपलब्ध खाना दिखाया जाएगा.
रेल मदद : रेल मदद सफर के दौरान यात्रियों को होने वाली दिक्कतों को देखते हुए रेलवे ने मदद मोबाइल ऐप लॉन्च की है. इस एेप से रेल संबंधी किसी भी शिकायत को दर्ज कराया जा सकेगा. मोबाइल एप्लीकेशन फॉर डिजायर्ड हेल्प ड्यूरिंग ट्रैवल (एमएडीएडी-मदद) एप से यात्री ट्रेनों के शौचालय, एसी कोच में मिलने वाले बेडरोल, कंबल समेत तमाम अन्य शिकायतें दूर की जा सकेंगी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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