मछली उत्पादन को उद्योग बनाने में जुटी राज्य सरकार

कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार ने मछली पालन को भी व्यवस्थित उद्योग का रूप प्रदान करने के लिए पहल शुरू कर दी है, इसके लिए राज्य के मत्सय पालन विभाग ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (टीसीएस) के साथ समझौता किया है. बताया जाता है कि देश में पहली बार मत्स्य प्रजनन नियंत्रण के लिए (फिश बर्थ […]

कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार ने मछली पालन को भी व्यवस्थित उद्योग का रूप प्रदान करने के लिए पहल शुरू कर दी है, इसके लिए राज्य के मत्सय पालन विभाग ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (टीसीएस) के साथ समझौता किया है. बताया जाता है कि देश में पहली बार मत्स्य प्रजनन नियंत्रण के लिए (फिश बर्थ रेगुलेशन एंड मॉनिटरिंग) साॅफ्टवेयर को लांच किया जायेगा.
इस संबंध में पश्चिम बंगाल मत्स्य विकास निगम के प्रबंध निदेशक सौम्यजीत दास ने बताया कि देश में पहली बार मछली के प्रजनन संबंधी सॉफ्टवेयर को लांच हमारी सरकार करने का जा रही है. अभी भी हमारे देश में मछली का व्यवसाय पुराने सिस्टम से ही किया जा रहा है. लेकिन यह साफ्टवेयर लोगों के हाथों में आने के बाद मछली पालन सिर्फ एक व्यवसाय नहीं, बल्कि उद्योग के रूप में परिणित हो जायेगा.
जानकारी के अनुसार, इस साफ्टवेयर में 30 प्रकार की मछलियों के बारे में पूरी जानकारी होगी. किस पानी में कौन सी मछली पालन करना सही होगा. पानी का तापमान कितना होना चाहिए. मछली को कितनी मात्रा में कितने बार खाना देना जरूरी है. कितने दिन में मछली कितनी बड़ी होगी, यह सभी जानकारियां साफ्टवेयर से मिलती रहेगी. बताया जाता है कि इस साफ्टवेयर के लांचिंग के लिए टाटा ग्रुप की टीसीएस के साथ समझौता हुआ है. बताया जाता है कि साफ्टवेयर की सफलता के बाद मछली की संख्या बढ़ाई जायेगी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >