छात्रों को सोशल मीडिया के प्रति जागरूक करेगा आइसीएसइ

कोलकाताॉ: राज्य में आइसीएसइ स्कूल एसोसिएशन द्वारा कार्यशाला का आयोजन किया जायेगा. महानगर में आइसीएसइ बोर्ड के जितने भी स्कूल हैं, उनके छात्रों के बीच सोशल मीडिया के दुरुपयोग को लेकर एक जागरुकता कार्यक्रम आयोजित करने के लक्ष्य से यह विशेष सत्र रखा जायेगा. सोशल मीडिया पर चल रहे ब्लू व्हेल चैलेंज के खतरे से […]

By Prabhat Khabar Print Desk | August 23, 2017 9:35 AM

कोलकाताॉ: राज्य में आइसीएसइ स्कूल एसोसिएशन द्वारा कार्यशाला का आयोजन किया जायेगा. महानगर में आइसीएसइ बोर्ड के जितने भी स्कूल हैं, उनके छात्रों के बीच सोशल मीडिया के दुरुपयोग को लेकर एक जागरुकता कार्यक्रम आयोजित करने के लक्ष्य से यह विशेष सत्र रखा जायेगा. सोशल मीडिया पर चल रहे ब्लू व्हेल चैलेंज के खतरे से बच्चों को आगाह करने के लिए आयोजित इस कार्यशाला में कई विशेषज्ञों को बुलाया जायेगा. इस ऑनलाइन गेम्स के कारण बच्चे गलत चीजें सीख रहे हैं.

सितंबर 2017 तक ऐसी एक खास वर्कशॉप की जायेगी. इसमें प्रत्येक स्कूल से कक्षा 9 व 10 के दो छात्र लीडर भाग लेंगे. वे सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर अपने विचार रखेंगे. एसोसिएशन के सचिव नवारुण दे ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अपनी क्लास में लीडर के रूप में चुने गये छात्र इसका प्रचार करेंगे.

साइबर विशेषज्ञ व संबंधित रिसोर्स व्यक्ति इस बात से छात्रों को आगाह करेंगे कि सोशल मीडिया का वे किस तरह उपयोग करें. वे इसके पीछे अपना जीवन व्यर्थ न करें. इससे उनकी पढ़ाई व निजी जीवन पर इसका असर पड़ रहा है. ब्लू व्हेल चैलेंज जैसे ऑनलाइन गेम्स भी उनके लिए खतरनाक सिद्ध हो सकते हैं. ये छात्र अपनी कक्षा में इस संदेश को फैलायेंगे. इसमें एसोसिएशन से जुड़े सभी स्कूलों को बुलाया जा रहा है. इसमें दार्जिलिंग के स्कूलों को भी शामिल किया जायेगा.

उनका कहना है कि इस तरह की कार्यशाला इससे पहले भी कई स्कूलों में चलायी गयी है. इसमें छात्रों ने काफी रुचि दिखायी थी. छात्र अपनी पढ़ाई व एक्सट्रा करि-क्युलर गतिविधियों में ज्यादा ध्यान दें. इसमें राज्य के 250 स्कूलों को शामिल किये जाने की योजना है. ब्लू व्हेल एक विवादास्पद इंटरनेट गेम है, जिससे युवाओं पर काफी गलत असर पड़ रहा है. सोशल मीडिया पर अभी यह गेम काफी फैला हुआ है. लगभग 12 से 19 साल के युवाओं की माैत इसी गेम के कारण हुई है. यह चिंता का विषय है. इसकी रोकथाम के लिए ही यह कार्यशाला आयोजित की जा रही है.

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