संपत्ति का पंजीकरण होगा महंगासंवाददाता, कोलकाता राज्य सरकार ने रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए महामारी के समय घोषित अस्थायी कदमों को सोमवार को वापस ले लिया है. इन कदमों में स्टाम्प शुल्क में दो प्रतिशत की कटौती और सर्किल रेट में 10 प्रतिशत की कमी शामिल है. राज्य सरकार का यह फैसला सोमवार से ही प्रभावी हो गया है. इस फैसले से संपत्ति का पंजीकरण महंगा हो जायेगा. गौरतलब है कि कोविड महामारी के कारण हुई आर्थिक मंदी से निपटने के लिए 30 अक्तूबर, 2021 को इन्हें लागू किया गया था और इसे कई बार बढ़ाया भी गया था. पिछला विस्तार इस साल 30 जून तक वैध था. एक सरकारी परिपत्र के मुताबिक, इस मामले की समीक्षा की गयी है और सभी पहलुओं पर विचार करते हुए राज्यपाल ने सार्वजनिक सेवा के हित में अब यह निर्णय लिया है कि स्टाम्प शुल्क में छूट और सर्किल रेट में कटौती की दोनों योजनाओं को एक जुलाई से बंद कर दिया जायेगा. क्रेडाई पश्चिम बंगाल के अध्यक्ष और मर्लिन ग्रुप के चेयरमैन सुशील मोहता ने प्रशासन से इस फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह करते हुए कहा कि इन कदमों ने रियल एस्टेट क्षेत्र को मुश्किल समय में काफी राहत दी थी. उन्हाेंने बताया कि 2023 में इस सेक्टर ने सरकारी खजाने में संपत्तियों के पंजीकरण पर 7500 करोड़ का योगदान दिया. हम सरकार से सर्किल रेट में संशोधन पर एक बार फिर से विचार करने का आग्रह करेंगे, जिससे इस सेक्टर को आवासीय इकाइयों के मूल्य निर्धारण का पुनर्मूल्यांकन करने में मदद मिलेगी. उन्हाेंने कहा कि स्टाम्प ड्यूटी छूट पर लोगों की प्रतिक्रिया अच्छी रही है, इसलिए हम राज्य से कुछ हद तक स्टाम्प ड्यूटी कम करने का आग्रह करेंगे.
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