कोलकाता. नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट) में स्कोर सामान्यीकरण की प्रक्रिया में बदलाव किया जा रहा है. यह बात विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) प्रमुख एम जगदेश कुमार ने कही. उन्होंने बताया : अब से अंकों को सामान्य करने की कोई आवश्यकता नहीं होगी क्योंकि प्रत्येक विषय की दोनों परीक्षाएं एक ही पाली में आयोजित की जायेंगी. प्रतियोगी परीक्षा में एक विषय की परीक्षा अलग-अलग सत्रों में होती है. स्वाभाविक रूप से प्रत्येक पेपर में प्रश्नों की गुणवत्ता अलग-अलग होती है. कुछ पेपर के प्रश्नपत्र कठिन होते हैं, तो कुछ के आसान. उस स्थिति में, यह सुनिश्चित करने के लिए अंकों का सामान्यीकरण किया जाता है कि किसी भी छात्र को अतिरिक्त लाभ न मिले. इसके लिए एक खास फॉर्मूला बनाया गया है. यूजीसी चेयरमैन ने कहा कि इस बार परीक्षा ओएमआर शीट पर होगी. परिणामस्वरूप, ज्यादातर परीक्षा केंद्र स्कूलों और कॉलेजों में आयोजित किये जाते हैं. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के प्रमुख ने कहा : इसके परिणामस्वरूप, देश भर में एक ही दिन परीक्षा लेने का काम आसान हो गया है. अगर एक ही विषय की परीक्षा कई दिनों में आयोजित की जाती है, तो उस स्थिति को सामान्य करने की आवश्यकता होती है. यह पूरी तरह से वैज्ञानिक प्रक्रिया है. नेट सीबीटी मोड में नहीं होगी.
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