कोयला तस्करी कांड में सीबीआइ का अंतिम चार्जशीट अदालत में दाखिल करने को लेकर संशय बरकरारआसनसोल. अवैध कोयला खनन और कारोबार को लेकर दर्ज मामले में सीबीआइ की विशेष अदालत आसनसोल के निर्देश के बावजूद सीबीआइ एसएसबी कोलकाता की टीम द्वारा 21 मई 2024 तक अंतिम आरोप पत्र दाखिल करने को लेकर संशय बरकरार है. इस दिन चार्ज हियरिंग भी होगी, जिसके बाद चार्ज फ्रेम की प्रक्रिया शुरू होगी. अदालत में जांच अधिकारी को 21 मई से पहले अंतिम आरोप पत्र दाखिल करने को कहा गया था. इस बीच आरोपियों को कॉपी सप्लाई करने का कार्य भी चल रहा है. चार्ज हियरिंग के बाद यदि कोई आरोपी चाहे तो खुद को कांड में आरोपी नहीं मानते हुए डिस्चार्ज पिटीशन भी डाल सकता है. इस पिटीशन पर बहस पूरी होने तक चार्ज फ्रेम की प्रक्रिया अटक जायेगी. सीबीआइ ने मामले में मुख्य आरोप पत्र के साथ एक पूरक आरोपपत्र भी दाखिल किया है, जिसमें कुल 41 और दो कुल 43 लोगों को आरोपी बनाया गया है. सूत्रों के अनुसार अंतिम आरोपपत्र में पुलिस व प्रशासन के कुछ अधिकारियों के नाम होने की संभावना जतायी जा रही है. जिनके खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाने का कार्य अभी भी जारी है, जिसके कारण अंतिम आरोपपत्र दाखिल करने की प्रक्रिया में विलंब होने की बात कही जा रही है. अंतिम आरोप पत्र दाखिल करने की समय बढ़ाने के लिए जांच अधिकारी अदालत में 21 मई को पिटीशन भी दाखिल कर सकते हैं. गौरतलब है कि 27 नवंबर 2020 को सीबीआइ एसीबी कोलकाता की टीम ने शिल्पांचल में अवैध कोयला खनन और कारोबार को लेकर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू की. प्राथमिकी में इसीएल के पांच अधिकारियों के साथ अनूप माजी उर्फ लाला को नामजद आरोपी बनाया और इसीएल, सीआइएसएफ, रेलवे व अन्य विभाग अधिकारी तथा निजी लोगों को भी इसमें शामिल किया. इसके बाद बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में कुल 45 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी हुई. इस मामले में सीबीआइ के जांच अधिकारी ने दो आरोप पत्र दाखिल किया. 19 जुलाई 2022 को दाखिल पहले आरोप पत्र में 41 लोगों को और दूसरे आरोप पत्र में दो लोगों को आरोपी बनाया. अदालत ने अंतिम आरोप पत्र दाखिल नहीं करने को लेकर जतायी थी नाराजगी : इस मामले को लेकर अप्रैल महीने में हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने सीबीआइ के जांच अधिकारी पर काफी नाराजगी जताते हुए कहा था कि जांच की प्रक्रिया अनंतकाल तक नहीं चल सकती है. यदि ऐसा चलता रहा तो तर्कसंगत विचार की प्रक्रिया में भी विलंब होगा. अदालत ने इस दिन सुनवाई के दौरान ही 21 मई को चार्ज हियरिंग का दिन भी निर्धारित किया. चार्जशीट में कौन-कौन है आरोपी ? पहले चार्जशीट में कुल 41 लोगों में इसीएल के अधिकारी और निजी लोग शामिल हैं. जिसमें इसीएल के मुख्य सुरक्षा अधिकारी तन्मय दास, झांझरा एरिया के सुरक्षा निरीक्षक देबाशीष मुखर्जी, इसीएल सातग्राम एरिया के पूर्व महाप्रबंधक सुशांत बनर्जी, पांडवेश्वर के पूर्व महाप्रबंधक सुभाष कुमार मुखर्जी, महाप्रबंधक सुभाष चंद्र मोइत्रा, सुरक्षा प्रबंधक मुकेश कुमार, सातग्राम एरिया का पूर्व सुरक्षा प्रभारी रिंकू बेहरा, सातग्राम एरिया के पूर्व महाप्रबंधक अभिजीत मल्लिक, अनूप माजी उर्फ लाला, अनूप माजी का कारोबार संभालनेवाला गुरुपद माजी, आसनसोल में कारोबार संभालनेवाला जयदेव मंडल, रानीगंज में कारोबार देखनेवाला नारायण नंदा, बांकुड़ा में कार्य देखनेवाला निरोधबरन मंडल, सहयोगी रत्नेश वर्मा, विकास मिश्रा, विनय मिश्रा, परमेंद्र कुमार साव, धर्मेंद्र कुमार साव, चांद बाउरी, प्रियब्रत चक्रवर्ती, साजिद खान, समशेर हुसैन, चंदन वर्मन, कमलेश सिंह, दीपक धीबर, राजेश बगड़िया, राजेश शर्मा, शेख सदरुद्दीन, शेख मोहिबुल, विवेकानंद मंडल, विकासचंद्र गोराई के अलावा जिन उद्योगों में कोयला की खपत हुई उन उद्योपतियों को इसमें शामिल किया गया. जिसमें मेसर्स अमीय स्टील प्राइवेट लिमिटेड के अरिंदम मंडल, गगन फेरोटेक लिमिटेड के विनय कुमार अग्रवाल, कॉस्मिक फेरो अलॉय लिमिटेड के श्रीकृष्ण अग्रवाल, सेन फेरो अलॉय प्राइवेट लिमिटेड के राजेन्द्र कुमार भालोटिया और सोहम दे, कंकास्ट स्टील एंड पावर लिमिटेड के संजय कुमार सुरेखा, कुंज बिहारी स्टील प्राइवेट लिमिटेड के अमित अग्रवाल, सावित्री इस्पात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के अमित अग्रवाल, साकम्बरी इस्पात एंड पावर लिमिटेड के दीपक कुमार अग्रवाल, एलोकैट स्टील आइरन प्राइवेट लिमिटेड के दीपक अग्रवाल, एसपीएस स्टील रोलिंग मिल्स लिमिटेड के दीपक कुमार अग्रवाल के नाम शामिल हैं. पूरक आरोप पत्र में इसीएल के पूर्व निदेशक सुनील कुमार झा और सीआइएसएफ के निरीक्षक आनंद कुमार सिंह का नाम शामिल है. इसके बाद के आरोप पत्र में किसका-किसका नाम आएगा इसे लेकर कइयों की परेशानी बढ़ी हुई है.
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