संवाददाता, कोलकाता
महानगर की सड़कों से 15 साल पुराने वाहनों को हटाने का आदेश कलकत्ता हाइकोर्ट ने 2009 में ही दे रखा है. लेकिन वाणिज्यिक वाहन मालिक चाहते हैं कि राज्य सरकार इसमें पहल करे और उन्हें राहत प्रदान करे. बस मालिक संगठन के नेता तपन बंदोपाध्याय ने बताया कि हमलोग प्रदूषण मुक्त माहौल चाहते हैं. लेकिन इसके लिए वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित व्यवस्था होनी चाहिए. ऐसा नहीं न कर केवल वाणिज्यिक वाहनों को निशाना बनाया जा रहा है. वे लगातार प्रयास कर रहे हैं कि प्रदूषण पर कैसे लगाम लगायी जाये. ज्वाइंट काउंसिल ऑफ बस सिंडिकेट, पर्यावरणविद व प्रदूषण को लेकर काम करने वाली संस्थाएं इस मुद्दे पर कई संगोष्ठी व कार्यक्रम करती आयी है. इस मुद्दे पर वह लोग पर्यावरणविद्, न्यायाधीश भगवती प्रसाद बनर्जी व पुलिस के अधिकारियों के साथ भी लगातार चर्चा करते रहे हैं. तपन बंदोपाध्याय ने बताया कि फिलहाल वे राज्य सरकार से निवेदन कर रहे हैं कि कोविड के समय जो वाहन तीन साल तक सही तरीके से चल नहीं पाये, उनके लिए दो साल की अवधि और बढ़ाई जाये.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
