संवाददाता, कोलकाता
देश में चार चरण का चुनाव हो चुका है, लेकिन चुनाव आयोग से बार-बार कुल कितने मतदाताओं ने चुनाव में हिस्सा लिया, इसकी रपट मांगने पर भी आज तक नहीं मिली है. इससे गड़बड़ी की आशंका बनी रहती है. ये बातें माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने अलिमुद्दीन स्ट्रीट में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहीं.
उन्होंने कहा कि देश में मतदाताओं ने भाजपा गठबंधन की सरकार को हटाने का मन बना लिया है. यही वजह है कि चार चरणों में मोदी की गारंटी मुद्दे पर चुनाव लड़ने वाली भाजपा की हवा निकल गयी है और वह अब सीधे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के मुद्दे पर उतर आयी है. इसका प्रमाण प्रधानमंत्री मोदी के नामांकन व हाल के दिनों में हुए भाषणों से लगाया जा सकता है. आलम यह है कि ऐन चुनाव के मौके पर अब पीओके का मुद्दा उछाल कर सेना व जवानों के प्रति लोगों की सहानुभूति का फायदा उठाना चाहती है. येचुरी ने कहा कि भाजपा चाहे जितने हत्थकंडे अपना ले. हकीकत यह है कि वह अबकी बार चार सौ पार के नारे के बाद किसी तरह 250 सौ सीट तक पहुंचने की कवायद में जुट गयी है. भाजपा को भी पता है कि वह इस बार सत्ता में नहीं आयेगी. इसलिए वह हिंदू-मुस्लिम के मुद्दे पर चुनाव को संचालित करने में जुट गयी है. इंडिया गठबंधन को 300 सीटें मिलने जा रही है. चूंकि हमलोग शुरू से ही सांप्रादायिकता के खिलाफ मुहिम चलाये हुए हैं. इसलिए राष्ट्रीय स्तर पर इंडिया गठबंधन बनाकर आगे बढ़ रहे हैं.
इसमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भूमिका सबके सामने है. वह तो दावा यहां तक कर रही कि इंडिया ब्लाॅक की नींव वही रखी हैं. हकीकत सबको पता है. पश्चिम बंगाल में हमलोग कांग्रेस के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर गठबंधन करके चुनाव लड़ रहे हैं. चुनाव में जमीनी स्तर पर लोग गठबंधन के पक्ष में खुलकर सामने आये हैं. इसका परिणाम चार जून को देखने को मिलेगा.
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