नर्स ने कॉल करके दी मरीज की मौत की खबर, परिजन पहुंचे अस्पताल तो पेशेंट बोला- मैं जिंदा…

Bengal Corona News: सभी के लिए किसी अपने को खोने का गम बेहद तकलीफ भरा अहसास होता है. अगर ऐसा हो कि अस्पताल से मरीज की मौत की खबर आए और बाद में वो झूठ निकले तो क्या होगा? ऐसा ही कुछ कोलकाता में हुआ है. दरअसल, गुरुवार की शाम अचानक साबिर मोल्ला के घर की मोबाइल की घंटी बजी. मोबाइल पर अस्पताल का नंबर था, जिसके बाद घरवालों के दिल धड़कनें बढ़ गई थी. कॉल रिसीव करने पर नर्स की आवाज आई. उसने बताया कि साबिर मोल्ला की मौत हो चुकी है. घरवाले आकर उनका शव ले जा सकते हैं.

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 16, 2021 4:36 PM
  • राजधानी कोलकाता में जिंदा मरीज को बताया मृतक

  • परिजनों को देख चिल्लाने लगा अस्पताल में मरीज

  • अस्पताल प्रबंधन ने मानी भूल, जांच का दिया भरोसा

Bengal Corona News: सभी के लिए किसी अपने को खोने का गम बेहद तकलीफ भरा अहसास होता है. अगर ऐसा हो कि अस्पताल से मरीज की मौत की खबर आए और बाद में वो झूठ निकले तो क्या होगा? ऐसा ही कुछ कोलकाता में हुआ है. दरअसल, गुरुवार की शाम अचानक साबिर मोल्ला के घर की मोबाइल की घंटी बजी. मोबाइल पर अस्पताल का नंबर था, जिसके बाद घरवालों के दिल धड़कनें बढ़ गई थी. कॉल रिसीव करने पर नर्स की आवाज आई. उसने बताया कि साबिर मोल्ला की मौत हो चुकी है. घरवाले आकर उनका शव ले जा सकते हैं.

इस बुरी खबर को सुनते ही कॉल रिसीव करने वाले के हाथ से मोबाइल छूट गया था. उसकी चीख के साथ आंसुओं की धार बहने लगी थी. घर में कोहराम मच गया. जिसने भी सुना वो छाती पीटकर रोने लगा. शुक्रवार की सुबह घरवाले कोलकाता के नेशनल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शव लेने के लिए पहुंचे. कुछ देर तक अस्पताल प्रबंधन ने इंतजार कराया. मॉर्ग को जांचने के बाद अस्पताल की ओर से बताया गया रोगी की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी. इसके कारण शव नहीं दिया जाएगा. सारे लोगों के चेहरे उदास थे. इसी बीच साबिर मोल्ला की आवाज सुनकर सभी के होश उड़ गए. आवाज उसकी थी, जिसे अस्पताल ने मृत घोषित कर दिया था.

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जब साबिर मोल्ला ने परिजनों को पुकारा

अस्पताल की दूसरी बिल्डिंग के बरामदे पर खड़े साबिर ने घरवालों को देखकर आवाज लगाई थी. सारे लोग हैरान थे और उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था. ऐसा लगा जैसे गुजर चुके साबिर के किसी भी तरह से वापस लौट आने की परिजनों की दुआ कबूल हो गई थी. जब साबिर को जीवित हालत में आवाज लगाते हुए देखा गया तो सारा माजरा तुरंत समझ में आ गया. परिजनों को गलत जानकारी दी गई थी. गलती छिपाने के लिए कोविड-19 का बहाना बनाया गया था.

अस्पताल प्रबंधन पर लगा सवालिया निशान

इस घटना के सामने आने के बाद कोलकाता के अस्पतालों में रोगियों के साथ हो रहे बर्ताव और चिकित्सकों की लापरवाही का खुलासा हो गया है. साबिर मोल्ला के परिजनों ने मामले को लेकर अस्पताल के पास लिखित शिकायत दर्ज कराई है. जिसके बाद प्रबंधन ने स्वीकार किया है कि समझने में गलती हुई है. प्रबंधन ने जांच करने के बाद कार्रवाई का आश्वासन भी दिया है. वहीं, साबिर मोल्ला के परिजनों ने ऐसी लापरवाही पर अस्पताल प्रबंधन को खरी-खोटी भी सुनाई है.

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अस्पताल से स्वस्थ होकर लौटे साबिर मोल्ला

साबिर मोल्ला के परिजनों ने बताया कि 11 अप्रैल को सीने में दर्द होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था. उसके बाद से परिजनों को मिलने नहीं दिया गया, क्योंकि तेजी से कोरोना संक्रमण फैल रहा था. शुक्रवार को जब पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ है तो उन्हें छुट्टी दे दी गई. साबिर मोल्ला स्वस्थ होकर घर लौट आए हैं. मोहल्ले में जो भी उनकी मौत की खबर से मायूस था, उन्हें साबिर के जिंदा होने की खबर मिली तो चेहरों पर खुशियों की लहर दौड़ गई.

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