वेस्ट बंगाल वॉलंटरी ब्लड डोनर्स सोसाइटी ने की नाबालिग छात्रों से रक्तदान कराने वालों पर कार्रवाई की मांग

दुर्गापुर में नाबालिग छात्रों से पैसे देकर रक्तदान कराने के मामले में वेस्ट बंगाल वॉलंटरी ब्लड डोनर्स सोसाइटी ने चिंता जताते हुए दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है.

वेस्ट बंगाल वॉलंटरी ब्लड डोनर्स सोसाइटी ने दुर्गापुर में नाबालिग छात्रों के रक्तदान करने के आरोपों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है. संस्था ने गहरी चिंता के साथ बताया है कि हाल ही में, दुर्गापुर के एक स्कूल के आठवीं और नौवीं क्लास के तीन नाबालिग छात्रों (लगभग 14-16 साल के) को रक्त दान करने के लिए पैसे का लालच देकर एक प्राइवेट हॉस्पिटल के ब्लड बैंक में ले जाया गया. अगर यह आरोप सच साबित होता है, तो यह न केवल कानून और नैतिकता का गंभीर उल्लंघन है, बल्कि इंसानी मूल्यों का भी बहुत बड़ा अपमान है. संस्था के महासचिव कबी घोष ने कहा कि भारत की मौजूदा पॉलिसी और गाइडलाइन के अनुसार, नाबालिगों का खून दान पूरी तरह से मना है. बिना किसी फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन के अपनी मर्ज़ी से बिना किसी स्वार्थ के और सुरक्षित खून दान ही एक स्वस्थ और इंसानी रक्त सेवा का आधार है. नाबालिगों को पैसे का लालच देकर खून दान करने के आरोप पूरे स्वैच्छिक रक्तदान आंदोलन की गरिमा और भरोसे पर सवाल उठाते हैं.

उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार के हेल्थ और फैमिली वेलफेयर डिपार्टमेंट और होम डिपार्टमेंट से इस घटना की तुरंत, बिना किसी भेदभाव के, पारदर्शिता और पूरी जांच करने की मांग रखी. साथ ही अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो इस घटना में शामिल प्राइवेट अस्पतालों, ब्लड बैंकों और हर व्यक्ति और संस्था के खिलाफ मौजूदा कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की मांग की.

उन्होंने कहा कि यह पक्का करने के लिए कि भविष्य में किसी नाबालिग का इस्तेमाल ऐसे गलत और गैर-कानूनी कामों के लिए न हो, राज्य के सभी ब्लड सेंटर में मॉनिटरिंग और वेरिफिकेशन प्रोसेस को और सख्त किया जाए.स्कूलों, अभिभावकों और आम लोगों में सुरक्षित और अपनी मर्ज़ी से रक्तदान के बारे में बड़े पैमाने पर जागरूकता फैलने की मांग की. उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि अगर इस घटना की बिना किसी भेदभाव के जांच की जाती है और दोषियों को कड़ी सज़ा मिलती है, तो अभिभावकों का भरोसा बना रहेगा. छात्रों की सुरक्षा बनी रहेगी और सबसे बढ़कर, अपनी मर्ज़ी से रक्त दान आंदोलन की पवित्रता, गरिमा और साख बनी रहेगी. रक्त दान एक नेक इंसानियत का आंदोलन है—यह कभी भी पैसे, गैर-कानूनी कामों या बेईमानी का ज़रिया नहीं हो सकता.इस आंदोलन को भ्रष्टाचार से दूर रखना हम सबकी मिली-जुली ज़िम्मेदारी है.


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By Niraj kumar srivastava

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