पांच दिनों की पुलिस रिमांड निरसा और चिरकुंडा में होता है प्रिंट ऑटोरिक्शा में चिरकुंडा होकर बराकर के रास्ते जा रहे थे आसनसोल, नियामतपुर इलाके में पकड़ा डीडी की टीम ने
डियर कंपनी की सात प्रकार की टिकटें हुईं इनके पास से बरामद आसनसोल जा रहे थे सप्लाई देनेआसनसोल. आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट (एडीपीसी) खुफिया विभाग (डीडी) की टीम को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी. डियर कंपनी के विभिन्न ब्रांडों के 68,500 लॉटरी के फर्जी टिकटों के साथ तीन आरोपियों, कुल्टी महाबीर पाड़ा इलाके के निवासी मंटू भुइयां (42), कुल्टी केंदुआ बाजार इलाके के निवासी शत्रुघ्न पटवा (50) और नियामतपुर अधली बांग्लापाड़ा इलाके के निवासी बबलू बाउरी (41) को गिरफ्तार किया गया. तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया. जांच अधिकारी ने सात दिनों की पुलिस रिमांड की अपील की. अदालत ने पांच दिनों की रिमांड मंजूर की. प्राथमिक पूछताछ में खुलासा हुआ कि लॉटरी के ये फर्जी टिकट धनबाद (झारखंड) जिले के निरसा और चिरकुंडा इलाके में छपते हैं और वहां से बंगाल के विभिन्न इलाकों में भेजे जाते हैं. इस अवैध कारोबार से सरकार को भारी राजस्व का नुकसान हो रहा है. गौरतलब है कि शिल्पांचल में पिछले कुछ वर्षों से लॉटरी के अवैध टिकटों के कारोबार ने काफी पैर पसारा है. हजारों की संख्या में लोग इस अवैध कारोबार के साथ जुड़े हैं. एडीपीसी के विभिन्न थाना इलाकों में नियमित छापेमारी में लाखों के अवैध टिकट जब्त होते हैं और आरोपी पकड़े जाते हैं. इसके बावजूद भी कारोबार पर कोई असर नहीं पड़ रहा है. अब इस मामले को लेकर डीडी की टीम ने भी कार्रवाई शुरू की है और नियमित अंतराल पर टिकटों के साथ लोग पकड़े जा रहे हैं.
डियर कंपनी के सात ब्रांडों के 68.5 हजार टिकट बरामद
डीडी की टीम ने पकड़े गये आरोपियों के पास से डियर हॉक नाम के नौ हजार टिकट, डियर हिल के 12.5 हजार टिकट, डियर लेक के 9.5 हजार टिकट, डियर ईगल के 9.5 हजार टिकट, डियर सी के 9.5 हजार टिकट, डियर कसायी के 9.5 हजार टिकट और डियर गंगा के नौ हजार फर्जी टिकट बरामद किये हैं.
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