रानीगंज में निजी जंग : भाजपा प्रत्याशी की पूर्व पत्नी ने लगाया अत्याचार का आरोप, पार्थ घोष बोले- टीएमसी ने पैसे देकर रची साजिश

Raniganj Election Partha Ghosh: रानीगंज विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी पार्थ घोष और टीएमसी प्रत्याशी कालोबरन मंडल के बीच जुबानी जंग तेज हो गयी है. पार्थ घोष की पूर्व पत्नी ने उन पर मारपीट का आरोप लगाया है, जिसे भाजपा ने राजनीतिक साजिश और गंदी राजनीति करार दिया है.

Raniganj Election Partha Ghosh| रानीगंज, संतोष विश्वकर्मा : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के करीब आते ही रानीगंज में राजनीतिक मर्यादा तार-तार होती दिख रही है. एनएसबी रोड पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) की एक जनसभा के बाद इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब भाजपा प्रत्याशी पार्थ घोष की पूर्व पत्नी पापरी सिन्हा ने टीएमसी का दामन थाम लिया. पापरी ने केवल दल ही नहीं बदला, सार्वजनिक मंच से पार्थ घोष पर सनसनीखेज आरोप भी लगाये. उन्होंने इस चुनावी मुकाबले को व्यक्तिगत लड़ाई में बदल दिया है. टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद और प्रत्याशी कालोबरन मंडल की मौजूदगी में पापरी ने भाजपा उम्मीदवार के चरित्र पर गंभीर सवाल उठाये.

मैं पापरी की आभारी हूं कि उन्होंने पार्थ को छोड़ा. तभी मुझे इतना सुलझा हुआ जीवनसाथी मिला. हम 2015 से खुशहाल जीवन जी रहे हैं.

पार्थ घोष की वर्तमान पत्नी

पार्थ घोष ने शादी के बाद किये शारीरिक अत्याचार : पापरी

टीएमसी की सभा में पापरी सिन्हा ने भावुक होते हुए दावा किया कि वह पार्थ घोष की पहली पत्नी रह चुकी हैं. पापरी ने कहा कि शादी के बाद पार्थ घोष ने उन पर शारीरिक और मानसिक अत्याचार किये, जिसकी वजह से उन्हें तलाक लेने के लिए मजबूर होना पड़ा. उन्होंने वोटर से अपील की कि ऐसे व्यक्ति को कभी वोट न दें, जो महिलाओं का सम्मान नहीं करता. उनके साथ दुर्व्यवहार करता है.

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पार्थ घोष का पलटवार : कोर्ट में अत्याचार का जिक्र क्यों नहीं?

इन आरोपों के बाद भाजपा प्रत्याशी पार्थ घोष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके तथ्यों के साथ जवाब दिया. घोष ने स्वीकार किया कि पापरी उनकी पत्नी थीं. उन्होंने बताया कि वर्ष 2004 में शादी हुई थी और 2007 में दुर्गापुर अदालत के माध्यम से ‘आपसी सहमति’ से तलाक हुआ था. पार्थ ने कोर्ट के दस्तावेज पढ़कर सुनाये, जिसमें पापरी ने खुद लिखा था कि उन्हें पार्थ या उनके परिवार से कोई शिकायत नहीं है. तलाक की वजह केवल वैचारिक मतभेद हैं.

Raniganj Election Partha Ghosh: हाईकोर्ट के वकील पार्थ घोष की चेतावनी

पार्थ घोष ने कहा कि टीएमसी पैसे देकर उनकी पूर्व पत्नी से झूठे आरोप लगवा रही है. उन्होंने चेतावनी दी- मैं वकील हूं. अगर व्यक्तिगत हमले बंद नहीं हुए, तो मेरे पास भी ऐसे वीडियो हैं कि टीएमसी प्रत्याशी को मुंह छुपाने की जगह नहीं मिलेगी.

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वर्तमान पत्नी का वीडियो- मैं पापरी सिन्हा की आभारी हूं

इस विवाद में पार्थ घोष की वर्तमान पत्नी ने भी वीडियो संदेश जारी कर अपने पति का बचाव किया है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर 2007 में अत्याचार हुआ था, तो पापरी 19 साल तक चुप क्यों रहीं? चुनाव के समय ही शिकायत क्यों? उन्होंने चुनौती दी कि पापरी किसी भी थाने की शिकायत या मेडिकल रिपोर्ट दिखाकर अपने आरोपों को साबित करें.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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