वादाखिलाफी से भड़क उठा भुईंया पाड़ा जिंदा तो दूर, मुर्दों से भी किया वादा अधूरा

जामुड़िया थाना क्षेत्र के न्यू केंदा कोलियरी के ईस्ट केंदा भुईंयापाड़ा में हुए दर्दनाक हादसे के एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.

जामुड़िया.

जामुड़िया थाना क्षेत्र के न्यू केंदा कोलियरी के ईस्ट केंदा भुईंयापाड़ा में हुए दर्दनाक हादसे के एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. महज चार दिन पहले बनी पानी की टंकी के ढहने से दो युवकों की जान चली गई थी, लेकिन अब इस हादसे पर राजनीति और प्रशासन की संवेदनहीनता ने ग्रामीणों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले नेता अब गायब हैं. बीते रविवार को ईसीएल द्वारा ठेकेदार के माध्यम से नवनिर्मित पानी की टंकी में जब पहली बार पानी भरा गया, तो वह भरभराकर गिर पड़ी.इस मलबे में दबने से प्रकाश भुइयां (31) और पवन भुइयां (20) की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि भरत भुइयां (10) अभी भी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है. प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि निर्माण कार्य में बेहद घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया था, जिसके कारण पहली बार पानी भरते ही दीवार ढह गयी.

सियासी वादे : बस चुनावी जुमला

हादसे के तुरंत बाद इलाके में राजनीतिक दिग्गजों का जमावड़ा लग गया था. संवेदनाओं और आश्वासनों की झड़ी लगा दी गई थी.टीएमसी विधायक हरेराम सिंह ने पीड़ित परिवारों को मदद का भरोसा दिया था। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने अंतिम संस्कार के लिए 1 लाख रुपये की सहायता प्रदान की.भाजपा उम्मीदवार डॉ बिजन कुमार मुखर्जी ने भी 90 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी.

लेकिन ग्रामीणों का आक्रोश इस बात पर है कि मुआवजे, स्थायी आवास और शुद्ध पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था जैसे मुख्य वादे अभी तक ठंडे बस्ते में हैं. ग्रामीणों ने तीखे शब्दों में कहा, “जिंदा तो दूर, मुर्दों के लिए किया गया वादा भी इन नेताओं ने नहीं निभाया.

बेहाल जनता, अधूरी व्यवस्था

चुनाव खत्म होते ही जनप्रतिनिधियों की बेरुखी से भुइयां पाड़ा के लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं.इलाके में पेयजल का संकट गहराया हुआ है क्योंकि नई टंकी का निर्माण कार्य अधर में लटका है. स्थानीय निवासियों का आरोप है कि चुनाव के दौरान जो नेता हर वक्त साथ खड़े होने का दावा कर रहे थे, वे अब इलाके की सुध लेने तक नहीं आ रहे हैं.महज 4 दिन में टंकी का गिरना भ्रष्टाचार का सीधा सबूत है. क्या दोषियों पर प्राथमिकी होगी? क्या पीड़ित परिवारों को केवल अंतिम संस्कार की राशि देकर उनके भविष्य को अधर में छोड़ दिया जाएगा?भीषण गर्मी के इस मौसम में वैकल्पिक पेयजल की व्यवस्था कब तक होगी?

न्यू केंदा कोलियरी का यह मामला अब जामुड़िया विधानसभा में चर्चा का केंद्र बन गया है. लोगों की नाराजगी बता रही है कि अब वे सिर्फ आश्वासनों से संतुष्ट होने वाले नहीं हैं. भुइयां पाड़ा के लोग अब ठोस कार्रवाई और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं.

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By AMIT KUMAR

AMIT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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