आसनसोल/रूपनारायणपुर.
सालानपुर प्रखंड के देंदुआ ग्राम पंचायत के अधीन श्रीरामपुर गांव के निवासी व पेशे से एलआइसी एजेंट अशोक महतो की सड़क हादसे में हुई मौत पर स्थानीय लोगों ने मुआवजे की मांग को लेकर 18 घंटे तक आसनसोल चित्तरंजन मुख्यमार्ग अवरोध कर बवाल काटा. मंगलवार शाम 7:30 बजे देंदुआ कल्याणेश्वरी मुख्यमार्ग पर इसीएल आरएचएस कॉलोनी के समक्ष एक ट्रक की चपेट में आने से अशोक महतो की मौत हो गयी. जिसके बाद स्थानीय लोगों ने मुआवजे की मांग पर देंदुआ में आसनसोल-चितरंजन मुख्य मार्ग अवरोध कर दिया, जिससे देंदुआ कल्याणेश्वरी मार्ग भी बंद हो गया. मुआवजा के तौर पर लोगों ने एक करोड़ रुपये और स्थानीय निजी कारखाने में दो लोगों की नौकरी की मांग की. नगद राशि घट कर बुधवार सुबह 15 लाख रुपये पर आकर रुकी. पुलिस प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास कर रही थी कि ट्रक के इंश्योरेंस पॉलिसी और सरकारी मुआवजा मिला कर राशि इससे भी ज्यादा हो सकती है. लोग तुरंत कैश हाथ में रखने की मांग पर अड़े रहे. दोपहर करीब 1:30 बजे तक आंदोलन चलता रहा. सड़क के दोनों किनारे वाहनों की लंबी कतार लग गयी. यह सड़क बंगाल झारखंड को जोड़ने का एक मुख्यमार्ग है. लोगों को हटाने के पुलिस ने बल प्रयोग शुरू करते ही पथराव हो गया. जिसमें सहायक पुलिस आयुक्त (कुल्टी) जावेद हुसैन सहित कुल चार पुलिस कर्मी घायल हुए. जिसके बाद पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी. कुछ ही पल में पूरा रास्ता साफ हो गया और दोपहर दो बजे से सड़क पर यातायात शुरू हो गयी. तृणमूल सालानपुर ब्लॉक के उपाध्यक्ष भोला सिंह की उपस्थिति में तीन लाख रुपये और स्थानीय निजी कारखाने में घर के एक सदस्य को नौकरी देने के समझौते पर हस्ताक्षर हुआ. इस समझौते में पुलिस शामिल नहीं रही. पुलिस की ओर से बताया गया कि चार आंदोलनकारियों को गिरफ्तार किया गया है. जिन्हें गुरुवार को अदालत में भेजा जाएगा. कुछ दो पहिया वाहनों को भी जब्त किया गया है.क्या है पूरी घटना, कैसे हुआ हादसा
स्थानीय लोगों के अनुसार मंगलवार रात साढ़े सात बजे कल्यानेश्वरी की ओर से एक ट्रक देंदुआ की ओर जा रहा था. जिसमें स्थानीय एक कारखाने से सरिया।लोड किया गया था. बाइक पर सवार अशोक महतो भी उसी ओर जा रहे थे. उनकी बाइक के पीछे एक बैग बंधा था. इसीएल आरएचएस कॉलोनी के समक्ष शिवमंदिर से 30 फीट आगे देंदुआ की ओर उन्होंने ट्रक को बायीं ओर से ओवरटेक करके जैसे ही सड़क पर चढ़ने गये, पीछे बंधा बैग ट्रक से सटा और वे अनियंत्रित हो गये और ट्रक के सामने गिर गये. जिससे ट्रक का पहिया उनके उपर से गुजर गया. स्थानीय लोग उसे उठाकर जिला अस्पताल ले गये, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित किया. जिस जगह यह हादसा हुआ, वहां ट्रक की गति अधिकतम 20 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ज्यादा तेज नहीं चल सकती. दुर्घटना होते ही ट्रक चालक गाड़ी छोड़कर भाग गया. यह ट्रक सालानपुर थाना क्षेत्र के जेमारी इलाके के एक व्यक्ति का है, उसने ढ़ाई साल पहले तीन लाख रुपये में ट्रक को खरीदा था और खुद उसका चालक भी है. सूत्रों के अनुसार इस घटना के बाद वह फिलहाल फरार हो गया है. मामला शांत होते ही पुलिस को सरेंडर कर देगा.एक करोड़ नकद और दो नौकरी की मांग पर शुरू हुआ आंदोलन
मृतक के परिजन व स्थनीय लोग मंगलवार रात से सड़क अवरोध कर आंदोलन शुरू कर दिया. अशोक अपने पीछे पत्नी, दो बेटी और एक बेटा को छोड़ गये. स्थानीय लोग इस परिवार के सदस्यों की भविष्य सुरक्षित करने के लिए उक्त मुआवजा की मांग पर अड़े रहे. रातभर सहायक पुलिस आयुक्त (कुल्टी) श्री हुसैन, थाना प्रभारी अमित हाटी पूरे पुलिस फोर्स के साथ मौजूद रहे. सुबह तक मांग घटकर एक करोड़ रुपये से 15 लाख और दो नौकरी तक आयी. हालांकि यह राशि कौन देगा? इसपर कोई चर्चा नहीं थी. पुलिस की ओर से तत्काल राहत के लिए मृतक के परिजनों को एक राशि मुहैया कराने का आश्वासन दिया जा रहा था. अधिकांश मामलों में यही होता है. लोग माने नहीं और उग्र हो गये. आखिरकार लाठीचार्ज के बाद स्थिति सामान्य हो गयी.
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