बंगाल में ISI और जैश-ए-मोहम्मद के राज खोलेगी अर्पिता सरकार! हमीम ने सौंपा था हनीट्रैप का जिम्मा

पश्चिम बंगाल पुलिस की एसटीएफ ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के कथित नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए झारखंड से अर्पिता सरकार को गिरफ्तार किया है. अर्पिता पर हनीट्रैप के जरिये राजनेताओं को फंसाने का आरोप है. इस गिरफ्तारी से आईएसआई के नेटवर्क के कई राज खुल सकते हैं. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

बर्दवान/पानागढ़ से मुकेश तिवारी की रिपोर्ट

ISI Honeytrap Arpita Sarkar News: पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने कथित तौर पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के नेटवर्क के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज करते हुए झारखंड के साहिबगंज जिले से एक महिला को गिरफ्तार किया है. उसका नाम अर्पिता सरकार है. इसे जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध आतंकवादी हामिद मंडल उर्फ हमीम ने हनीट्रैप के जरिये बड़े राजनेताओं को अपने रूपजाल में फंसाने का जिम्मा सौंपा था. एसटीएफ का दावा है कि अर्पिता सरकार उसी मॉड्यूल का हिस्सा है, जिससे हमीम मंडल जुड़ा था.

  • बंगाल के नेताओं को हनीट्रैप में फंसाने का अर्पिता को मिला था टास्क
  • अर्पिता की गिरफ्तारी के बाद ISI और जैश-ए-मोहम्मद के राज खुलने की उम्मीद
  • हमीम की गिरफ्तारी के एक दिन बाद एसटीएफ के हत्थे चढ़ी गर्लफ्रेंड अर्पिता सरकार

डिजिटल साक्ष्य के आधार पर हुई अर्पिता की गिरफ्तारी

एसटीएफ सूत्रों के अनुसार, हमीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद उसके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल चैट की गहन जांच की गयी. इसी दौरान अर्पिता सरकार के साथ उसके लगातार संपर्क के साक्ष्य मिले. इसके बाद तकनीकी निगरानी और मोबाइल टावर लोकेशन के आधार पर एसटीएफ की टीम ने झारखंड के साहिबगंज में अभियान चलाकर अर्पिता सरकार को दबोच लिया. साहिबगंज के बरहरवा इलाके की रहने वाली अर्पिता व्हाट्सऐप के जरिये हमीद मंडल उर्फ हमीम से लगातार संपर्क में थी.

सोशल मीडिया पर लोगों को फांसने का मिला था टास्क

एसटीएफ ने बताया है कि अर्पिता सरकार हनीट्रैप के जरिये लोगों को अपने जाल में फंसाने और उनके अपहरण की साजिश से जुड़े नेटवर्क के लिए काम करती थी. वह सोशल मीडिया पर संभावित लक्ष्य से संपर्क करती थी. बाद में मॉड्यूल के निर्देश पर आगे की कार्रवाई होती थी. एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है.

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विशेष मैसेजिंग ऐप के जरिये संपर्क में थे अर्पिता-हमीम

एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में अर्पिता सरकार के पाकिस्तान से संचालित बताये जा रहे कुछ कथित आतंकी नेटवर्क और ISI से जुड़े लोगों के संपर्क में होने के संकेत मिले हैं. हमीम मंडल और अर्पिता सरकार विशेष मैसेजिंग ऐप के जरिये लगातार संपर्क में रहते थे. दोनों के डिजिटल चैट और सोशल मीडिया गतिविधियों की फॉरेंसिक जांच करायी जा रही है. एसटीएफ का मानना है कि दोनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ से नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं. जांच एजेंसी इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है कि क्या दोनों हाई-प्रोफाइल व्यक्तियों की गतिविधियों की सूचना विदेश भेजते थे.

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बर्धमान शहर से हुई थी हमीद मंडल की गिरफ्तारी

अर्पिता की गिरफ्तारी से एक दिन पहले बर्धमान शहर के रेनेसां हाउसिंग परिसर से एसटीएफ ने हमीद मंडल उर्फ हमीम को गिरफ्तार किया था. एसटीएफ ने को बताया कि हमीम का संबंध पाकिस्तान से संचालित शहजाद भट समूह से है. उसके ISI से भी संपर्क हैं. अदालत ने हमीम मंडल को 14 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया. अब अर्पिता सरकार की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ आगे की कड़ियों को जोड़ने और नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने में जुट गयी है.

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By मिथिलेश झा

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