नकली सिविक वॉलंटियर बनकर प्रेमी युगलों को लूटने वाले गिरोह का भंडाफोड़

तहकीकात. झारखंड व बंगाल के चार आरोपी गिरफ्तार, दो अस्पताल के सुरक्षा गार्ड

सुनसान व अंधेरे इलाके में प्रेमी युगलों को बनाते थे अपना निशाना इस बार लड़की ने हिम्मत करके की शिकायत सालानपुर थाना क्षेत्र के जोरबाड़ी इलाके के युवक-युवती के साथ चित्तरंजन कर्नल सिंह पार्क में हुई थी घटना आसनसोल/रूपनारायणपुर. सुनसान और अंधेरे में प्रेमी युगलों को देखते ही अपना शिकार बनानेवाले गिरोह का फंडाफोड़ हुआ. चित्तरंजन कर्नल सिंह पार्क इलाके में सालानपुर थाना क्षेत्र के रूपनारायणपुर जोडबारी इलाके के एक प्रेमी युगल को चार बदमाशों ने सिविक वॉलंटियर बनकर प्रताड़ित किया और उनके मोबाइल फोन छीन लिये. अंधेरे में प्रेमी युगल का एक वीडियो भी बनाया. लड़की द्वारा काफी मिन्नतें करने के बाद उन्हें छोड़कर वे लोग चले गये. लड़की ने हिम्मत करके इसकी शिकायत चितरंजन थाने में की. जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया. जिनमें जामताड़ा (झारखंड) जिले के बृंदापाथर थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव का विमल मंडल (45), फूटबेड़िया गांव का बंटी मंडल (29), जीवन मंडल (24) और सालानपुर थाना क्षेत्र के रूपनारायणपुर इलाके का निवासी राहुल मंडल (30) शामिल हैं. इनमें से बंटी और विमल, दोनों चित्तरंजन कस्तूरबा गांधी अस्पताल में निजी सुरक्षा गार्ड का काम करते हैं. इनका पोशाक भी अंधेरे में सिविक वॉलंटियर की ड्रेस की तरह ही दिखती है, जिसका लाभ उठाकर ये इस तरह के कार्य को अंजाम देते थे. सूत्रों के अनुसार लंबे समय से ये लोग प्रेमी युगलों को लूटने का काम कर रहे हैं. लोक लज्जा के डर से कोई शिकायत नहीं करता था, जिससे इनका मनोबल बढ़ता गया और रात को नियमित सुनसान इलाकों का दौरा करके इस तरह के कांड को अंजाम देने लगे. इस घटना में युवती ने हिम्मत करके शिकायत की जिसके बाद इस घटना का खुलासा हुआ है. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गयी है. गौरतलब है कि जोरबाड़ी इलाके का प्रेमी युगल शनिवार रात को करीब साढ़े नौ बजे कर्नल सिंह पार्क में बैठा था. उसी दौरान चार लोग पहुंचे और खुद को सिविक वॉलंटियर बताकर प्रेमी युगल को प्रताड़ित करने लगे. दोनों का वहां वीडियो बनाया, उनका मोबाइल फोन छीन लिया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया. लड़की उनके पैर पर गिरकर मिन्नतें करने लगी तो वे लोग मोबाइल फोन लेकर ही निकल गये. लड़की हिम्मत करके चित्तरंजन थाने पहुंची और पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी. पुलिस ने सीसीटीवी खंगालना शुरू किया और आरोपियों का पता चल गया. चार में से दो आरोपी चित्तरंजन कस्तूरबा गांधी अस्पताल के गार्ड थे. उन्हें पकड़ा और उनकी निशानदेही पर उनके दोनों सहयोगियों को भी पकड़ लिया गया. युवती को फोन बरामद हो गया है.

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By GANESH MAHTO

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