विकसित भारत रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना के क्रियान्वयन को लेकर बुधवार को पश्चिम बर्धमान जिलाधिकारी कार्यालय में डीएम एस पोन्नमबलम की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई. इसमें पर्यावरण संरक्षण के तहत बड़े पैमाने पर पौधारोपण पर चर्चा हुई. पांडवेश्वर के विधायक ने कहा कि उनके क्षेत्र की अधिकांश भूमि ईसीएल के अधीन है और पौधरोपण के लिए एनओसी नहीं मिलने से अभियान प्रभावित हो रहा है. बैठक में मंत्री अग्निमित्रा पाल, विधायक जितेंद्र तिवारी, कृष्णेंदु मुखर्जी, डॉ बिजन मुखर्जी, अरिजीत राय तथा जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
रोजगार के साथ स्थायी परिसंपत्तियों पर जोर
डीएम एस पोन्नमबलम ने जनप्रतिनिधियों को योजना की रूपरेखा बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ऐसे स्थायी कार्य कराना है, जो भविष्य में समाज के लिए उपयोगी परिसंपत्ति बन सकें. बैठक के बाद विधायक जितेंद्र तिवारी ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के तहत पौधरोपण पर विचार-विमर्श हुआ.
पांडवेश्वर क्षेत्र की ज्यादातत जमीन ईसीएल के अधीन है और पौधे लगाने को एनओसी नहीं मिलने से अभियान बाधित हो रहा है. उन्होंने डीएम से ईसीएल से बातचीत कर एनओसी दिलाने या ईसीएल से अपने अधीन क्षेत्रों में स्वयं पौधारोपण कराने की पहल करने का अनुरोध किया, ताकि रोजगार सृजन और पर्यावरण संरक्षण दोनों उद्देश्यों को पूरा किया जा सके.
