रानीगंज.
स्थानीय पुराना बस स्टैंड के समीप गंधवणिक महासभा की रानीगंज शाखा समिति द्वारा इस वर्ष भी भक्तिमय वातावरण में श्री श्री गंधेश्वरी माता की भव्य पूजा का आयोजन किया गया. संगठन की ओर से आयोजित इस पूजा का यह 38वां वर्ष है, जो विशेष रूप से व्यापारियों की उन्नति और व्यापार में वृद्धि की कामना के साथ की जाती है.तीन दिवसीय अनुष्ठान व सांस्कृतिक कार्यक्रम
पूजा कमेटी के अध्यक्ष श्रीधर मलिक ने बताया कि पिछले 38 वर्षों से रानीगंज के विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले गंधवणिक समुदाय के लोग इस परंपरा को निभाते आ रहे हैं. उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए कहा यह उत्सव कुल तीन दिनों तक चलेगा.पूजा के समापन के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए खिचड़ी भोग का विशेष आयोजन किया गया है.शाम के समय बच्चों के उत्साहवर्धन हेतु विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी.
पौराणिक महत्व एवं परंपरा
मां गंधेश्वरी की महिमा पर प्रकाश डालते हुए श्री मलिक ने बताया कि मान्यताओं के अनुसार, प्राचीन समय में चांद सौदागर नामक व्यापारी जब समुद्री मार्ग से व्यापार के लिए निकलते थे, तब गंधासुर नामक राक्षस उन्हें अत्यधिक प्रताड़ित करता था.उस राक्षस के आतंक से व्यापारियों की रक्षा करने हेतु मां दुर्गा ने मां गंधेश्वरी का रूप धारण कर उसका वध किया था, तभी से व्यापारी समुदाय अपने व्यवसाय की रक्षा और तरक्की के लिए मां की आराधना करता आ रहा है.
बजट और जन-भागीदारी
समिति द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस वर्ष की पूजा का कुल बजट लगभग 2,00,000 (दो लाख रुपये) निर्धारित किया गया है. पूजा के दौरान बड़ी संख्या में गंधवणिक समुदाय के लोग और स्थानीय व्यापारी उपस्थित रहे, जिन्होंने सामूहिक रूप से मां की आरती की और खुशहाली की प्रार्थना की. श्रीधर मल्लिक ने कहा कि पिछले 38 वर्षों से हम इस परंपरा को जीवित रखे हुए हैं. हमारा मुख्य उद्देश्य समुदाय को एकजुट करना और मां के आशीर्वाद से व्यापारिक क्षेत्र में सफलता प्राप्त करना है.
