शिक्षा क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ भाजपा का प्रदर्शन

हजारों शिक्षकों की नौकरी जाने के लिए राज्य की शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार और इसमें लिप्त सत्ताधारी पार्टी के नेताओं को जिम्मेवार बताया गया.

जमुड़िया. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पश्चिम बंगाल में 26,000 शिक्षकों की नियुक्ति रद्द हो गयी है. इससे राज्य की शिक्षा व्यवस्था में गहरा संकट पैदा हो गया है. इसे लेकर राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ शनिवार को जमुड़िया भाजपा मंडल-03 की ओर से अखलपुर ब्रिज से मंडलपुर बटतला तक विरोध रैली निकाली गयी. हजारों शिक्षकों की नौकरी जाने के लिए राज्य की शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार और इसमें लिप्त सत्ताधारी पार्टी के नेताओं को जिम्मेवार बताया गया.

मंडल तीन के अध्यक्ष प्रदीप बनर्जी और संतोष सिंह के नेतृत्व में आयोजित विरोध रैली में भाजपा के कई नेताओं व कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया. प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ जम कर नारेबाजी की और राज्य सरकार से तुरंत योग्य शिक्षकों की बहाली की मांग की. इस प्रदर्शन में प्रमुख रूप से डॉ प्रमोद पाठक, साधन माझी, अनिरुद्ध चक्रवर्ती, राणा बनर्जी, निरंजन सिंह, दीनबंधु राय, छोटन चक्रवर्ती, सुबोध बाउरी, मिथुन बाउरी, उत्तम कुमार राय, सुधीर मजूमदार, भीम महतो और मिठू माझी सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे. संतोष सिंह ने कहा कि 26,000 शिक्षक और शिक्षा कर्मियों की नौकरी खारिज की गई है, जिनमें से 19,000 योग्य हैं. उन्होंने मांग की कि इन 19,000 योग्य शिक्षकों की ओएमआर शीट सार्वजनिक की जाए और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर बहाल किया जाए. साथ ही, उन्होंने शेष 6,000 पदों पर भी स्वच्छ तरीके से नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने की बात कही.

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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