बांकुड़ा.
ओंदा थाना क्षेत्र में एक भाजपा कार्यकर्ता और उसके परिवार को जिंदा जलाने की कोशिश के आरोप को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गयी है. भाजपा ने घटना को तृणमूल कांग्रेस की सोची-समझी साजिश बताया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने इसे पूरी तरह हादसा करार दिया है.क्या है पूरा मामला
पिछले हफ्ते बुधवार रात ओंदा थाने के नंदनपुर गांव में भाजपा नेता तापस बारिक के घर में आग लग गयी थी. तापस बारिक के परिवार और भाजपा का आरोप है कि घर का दरवाजा बाहर से जंजीर से बंद कर आग लगायी गयी, ताकि पूरे परिवार को जिंदा जलाया जा सके. इस आरोप के बाद पूरे राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गयी.
भाजपा नेताओं का दौरा व मांग
घटना के बाद राज्य के विपक्षी नेता शुभेंदु अधिकारी और ओंदा के विधायक अमरनाथ शाक्य गांव पहुंचे. उन्होंने तापस बारिक के परिवार से मुलाकात कर उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिया और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की. भाजपा अब भी इस बात पर अड़ी है कि यह घटना तृणमूल कांग्रेस की साजिश थी. शुभेंदु अधिकारी की ओंदा में हुई बैठक के जवाब में तृणमूल कांग्रेस की ओर से मंगलवार शाम ओंदा में बैठक की गयी. इसमें दावा किया गया कि तपस बारिक के घर लगी आग एक हादसा थी और भाजपा राजनीतिक बदनामी फैलाने के लिए इसे रंग दे रही है. इसके बाद तृणमूल नेतृत्व ने ओंदा थाना जाकर घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए लिखित अर्जी दी.
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी
तृणमूल का कहना है कि निष्पक्ष जांच से सच्चाई सामने आ जायेगी. वहीं भाजपा का दावा है कि पुलिस के सहारे इस घटना को दुर्घटना बताने की कोशिश की जा रही है और यह एक सुनियोजित राजनीतिक हमला था. फिलहाल मामला जांच के अधीन है.
