बंगाल: मीनार मंडल गिरफ्तार, टुलु मंडल फरार, आखिर क्या है 'सोने' के खाजाने की पूरी कहानी

बीरभूम में 28.5 करोड़ नकद और 15 किलो सोना बरामद हुआ है. यह संपत्ति कथित तौर पर पत्थर कारोबारी टूलू मंडल से जुड़ी है. मामले की जांच जारी है और पुलिस टुलु मंडल की तलाश कर रही है.

बीरभूम से मुकेश तिवारी की रिपोर्ट

बीरभूम करोड़ों रुपये की बरामदगी से सुर्खियों में है. बीरभूम जिले के मोहम्मदबाजार में पुलिस की एक बड़ी कार्रवाई के दौरान मीनार मंडल के घर से करीब 28 करोड़ 50 लाख नकद और 15 किलोग्राम सोना बरामद किया गया. सोने की कीमत जोड़ने पर कुल बरामद संपत्ति का मूल्य 50 करोड़ से अधिक बताया जा रहा है. इस कार्रवाई ने राज्य की राजनीति से लेकर प्रशासन तक हलचल मचा दी है और कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.

डकैतों की गिरफ्तारी से खुला करोड़ों के खजाने का राज

पुलिस के मुताबिक, पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब झारखंड के दुमका निवासी सात संदिग्ध डकैतों को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे मीनार मंडल के घर डकैती डालने की योजना बना रहे थे क्योंकि वहां भारी मात्रा में नकदी और सोना रखा हुआ है. इस सूचना के आधार पर 29 जुलाई की सुबह करीब 3 बजे पुलिस ने मीनार मंडल के घर पर छापेमारी की. तलाशी के दौरान अधिकारियों के भी होश उड़ गए.

कौन है मीनार मंडल

जांच में सामने आया है कि मीनार मंडल पहले सरकारी बस चालक था. सेवानिवृत्ति के बाद वह बीरभूम के चर्चित पत्थर कारोबारी टूलू मंडल के कारोबार से जुड़ गया. वह कारोबार का हिसाब-किताब, लेन-देन और वित्तीय प्रबंधन संभालता था. स्थानीय लोगों के अनुसार, वह टूलू मंडल का सबसे भरोसेमंद व्यक्ति माना जाता था. छापेमारी के बाद पुलिस ने मीनार मंडल को गिरफ्तार कर लिया है और उसके घर को सील कर दिया गया है.

कौन है टुलु मंडल

पूरे मामले में सबसे ज्यादा जिस नाम की चर्चा हो रही है, वह है टुलु मंडल उर्फ मोहम्मद निजामुद्दीन. बीरभूम में उसे पत्थर कारोबार का सबसे प्रभावशाली कारोबारी माना जाता है. लगभग दस वर्ष पहले टुलु मंडल ट्रकों से पत्थर ढुलाई का काम करता था. बाद में उसने एक डंपर खरीदा और धीरे-धीरे पत्थर खदानों के कारोबार में उतर गया. स्थानीय एक आदिवासी महिला से विवाह कर उक्त आदिवासी महिला की भूमि पर ही क्रेशर मशीन लगाकर कुछ ही वर्षों में उसने कई खदानों और कंपनियों का नेटवर्क खड़ा कर लिया.

पुलिस की जांच किस दिशा में

पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि बरामद नकदी और सोना टुलु मंडल के नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है और सुरक्षा के लिहाज से मीनार मंडल के घर पर रखा गया था. हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच जारी है.

क्या पता लगा रही है पुलिस

करोड़ों रुपये और सोना किसका है? धन का वास्तविक स्रोत क्या है? क्या यह अवैध पत्थर कारोबार या किसी अन्य आर्थिक अपराध से जुड़ा है? इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं?

मीनार मंडल की पत्नी का बड़ा दावा

मामले में नया मोड़ तब आया जब मीनार मंडल की पत्नी मीडिया के सामने आईं. उन्होंने दावा किया- हमारा घर सिर्फ पेंशन से चलता है. हमारे पास इतना पैसा नहीं हो सकता. उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग एक वर्ष पहले टुलु मंडल कुछ लोहे के ट्रंक और अलमारियां उनके घर रखकर गया था. उसने परिवार से कहा था कि इनमें जरूरी दस्तावेज हैं. ट्रंक और अलमारियों की चाबियां भी उसी के पास थीं. पत्नी का कहना है कि उनके पति को भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी, फिर भी उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

कई मामले दर्ज हैं टुलु मंडल के खिलाफ

अवैध पत्थर खनन के आरोप राजस्व और रॉयल्टी में गड़बड़ी फर्जी डीसीआर (डुप्लिकेट चालान रसीद) के जरिए कथित वसूली वर्ष 2022 में हत्या के एक मामले में गिरफ्तारी न्यूटाउन में 5 करोड़ नकद बरामदगी

बेटी की शाही शादी भी रही थी चर्चा में

कुछ वर्ष पहले टुलु मंडल की बेटी की भव्य शादी भी सुर्खियों में रही थी. स्थानीय निवासी शेख इब्राहिम आदि के अनुसार, इस शादी में बॉलीवुड और टॉलीवुड के कई कलाकार शामिल हुए थे. शादी में हुए करोड़ों की भारी खर्च को लेकर भी उस समय काफी चर्चाएं हुई थीं.

फिलहाल फरार है टुलु मंडल

मीनार मंडल की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की नजर टुलु मंडल पर है. पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है. फिलहाल उसे फरार बताया जा रहा है.

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जांच के बाद ही सामने आएगी पूरी सच्चाई

फिलहाल पुलिस, नकदी और सोने के वास्तविक मालिक, धन के स्रोत, संभावित आर्थिक अपराध और पूरे नेटवर्क की कड़ियों की गहन जांच कर रही है. इस मामले में कई आरोप और दावे सामने आए हैं, लेकिन इनकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. जांच एजेंसियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पता चलेगा कि इस पूरे मामले का वास्तविक मास्टरमाइंड कौन है.

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लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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