पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में फुचका (गोलगप्पा) खाने से 8 साल की बच्ची की मौत हो गयी. एक ही परिवार के 16 सदस्य अस्पताल पहुंच गये हैं. मामला मल्लारपुर थाना क्षेत्र के हाजीपुर गांव अंतर्गत दक्षिण ग्राम मोड़ इलाके का है. शनिवार देर शाम फुचका खाने के कुछ ही घंटों बाद चार परिवारों के 16 से अधिक लोगों की तबीयत बिगड़ गयी. सभी को आनन-फानन में रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया, जहां 8 वर्षीय बच्ची हसीना खातून को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया. अन्य बीमार लोगों का अस्पताल में इलाज जारी है. इनमें से कुछ की हालत चिंताजनक है.
एक ही जगह से खरीदे थे 100 फुचके, 2 घंटे बाद शुरू हुई उल्टी और दस्त
ग्रामीणों के अनुसार, शनिवार शाम दक्षिण ग्राम मोड़ स्थित बैंक के पास एक फुचका विक्रेता से चार परिवारों के लोगों ने मिलकर करीब 100 फुचके खरीदकर खाये थे. इसके लगभग 2 घंटे बाद ही एक-एक कर सभी लोगों को पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हो गयी. देर रात तक स्थिति बिगड़ने पर परिजनों ने सभी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया.
स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीम सक्रिय, नमूने जांच के लिए भेजे गये
घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की विशेष मेडिकल टीम तुरंत हरकत में आ गयी. चिकित्सकों ने शुरुआती जांच में इसे संभावित फूड प्वाइजनिंग का मामला बताया है. बीमारी के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए फुचका और पानी के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला भेजे गये हैं.
फुचका विक्रेता से पूछताछ, सावधानी बरतने की अपील
घटना की गंभीरता को देखते हुए मल्लारपुर थाने की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. पुलिस संबंधित फुचका विक्रेता को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि खाद्य सामग्री में किसी प्रकार की मिलावट या लापरवाही हुई थी या नहीं. उधर, स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से सड़क किनारे खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करते समय सतर्कता बरतने की अपील की है.
