दुर्गापुर : दुर्गापुर तथा इसके आसपास के इलाके में 10 फ़रवरी को बंसत पंचमी पर सरस्वती पूजा होगी. इसकी तैयारी शैक्षणिक संस्थानों में जोर-शोर से हो रही है. मूर्तिकार भी प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में सक्रिय हैं. बेनाचिती के शालबगान, जेकेपाल लेन, भिरिंगी सहित विभिन्न स्थलों पर सरस्वती प्रतिमाएं बन रही है. प्रतिमाओं को […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
दुर्गापुर : दुर्गापुर तथा इसके आसपास के इलाके में 10 फ़रवरी को बंसत पंचमी पर सरस्वती पूजा होगी. इसकी तैयारी शैक्षणिक संस्थानों में जोर-शोर से हो रही है. मूर्तिकार भी प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में सक्रिय हैं. बेनाचिती के शालबगान, जेकेपाल लेन, भिरिंगी सहित विभिन्न स्थलों पर सरस्वती प्रतिमाएं बन रही है.
प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है. पूजा आयोजक कमेटियां चंदा संग्रह में लगी हैं. प्रतिमाओं के लिए अग्रिम बुकिंग हो रही है. मूर्तिकारो की व्यस्तता बढ़ गई है.
महंगाई का असर मूर्ति निर्माण पर है. उनका कहना है कि उन्हें हर सामग्री अधिक मूल्य पर खरीदना पड़ रहा है. छोटी प्रतिमाओं को बनाने तीन दिन का समय लग जाता है. बड़ी प्रतिमाओं में सात दिन का समय लगता है. दो कलाकारों को सहायक रखना पड़ता है. इस कारण प्रतिमाओं की लागत खर्च बढ़ जाती है. लेकिन ग्राहक अधिक मूल्य नहीं देना चाहते हैं.