सांकतोड़िया : कैशलेस चिकित्सा नहीं मिल रही कोयला अधिकारियों को

सांकतोड़िया : कोयला अधिकारियों ने अनुबंधित चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार करने से इंकार करने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि इस स्कीम का फायदा नहीं मिल रहा है. इलाज के नाम पर मिलने वाली वार्षिक प्रतिपूर्ति राशि 15 हजार से बढ़ाकर 50 हजार की जानी चाहिए. सेवानिवृत्त अधिकारियों को स्मार्ट कार्ड जारी कर […]

सांकतोड़िया : कोयला अधिकारियों ने अनुबंधित चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार करने से इंकार करने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि इस स्कीम का फायदा नहीं मिल रहा है. इलाज के नाम पर मिलने वाली वार्षिक प्रतिपूर्ति राशि 15 हजार से बढ़ाकर 50 हजार की जानी चाहिए. सेवानिवृत्त अधिकारियों को स्मार्ट कार्ड जारी कर उपचार की सुविधा दी जानी चाहिए.

कोयला कर्मियों के इलाज के लिए प्रबंधन ने बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई है. वर्तमान में कार्यरत कर्मी के साथ ही सेवानिवृत्त होने पर देश के कई अनुबंधित चिकित्सालयों में उपचार कराने कैशलेस सुविधा दी है, पर इसका फायदा कर्मियों को नहीं मिल रहा है. एआइएसीई ने बैठक कर कहा कि कंपनी की सुविधा का फायदा अधिकारियों को भी नहीं मिल रहा है. संयोजक पीके सिंह राठौर ने बताया कि सेवानिवृत्त कर्मियों के पेंशन की समीक्षा समय-समय पर नहीं की जा रही है. इससे पेंशन राशि में बढ़ोतरी नहीं हो रही है.
इसमें डीए भी नहीं जोड़ा जा रहा है. उन्होंने कहा कि अनुबंधित अस्पतालों में कैशलैस उपचार करने से सिर्फ इसलिए इंकार कर रहा है, क्योंकि उनका काफी लंबित बिल है. मुंबई इकाई की बैठक में समीक्षा की गई और निर्णय लिया गया है कि सीआइएल उच्च प्रबंधन से मुलाकात कर इस बारे में अवगत कराया जायेगा. सदस्य मौसमी दत्ता ने बताया कि उनके पति की मृत्यु के बाद मासिक क्षतिपूर्त्ति राशि नाममात्र मिल रही है, उसका भुगतान सही समय पर नहीं हो रहा.
उन्होंने कहा कि एआइएसीई इस समस्या को प्राथमिकता से उठाये, ताकि अधिकारियों के पेंशन में संशोधन के साथ समय पर भुगतान हो सके. श्री राठौर ने बताया कि संगठन में सेवानिवृत्त अधिकारियों के साथ ही दिवंगत अधिकारियों की धर्मपत्नी को भी जोड़कर उनकी समस्या का निदान किया जा रहा है, ताकि संगठन को मजबूती मिल सके और कोयला अधिकारियों की लंबित मांग पूरी हो सके.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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