आसनसोल : प्रदूषण पैदा करने वाले वाहनों के स्थान पर ग्रीन फ्यूल वाहनों के परिचालन के मुद्दे पर काजी नजरूल यूनिवर्सिटी स्थित प्रशासनिक भवन में कुलपति डॉ साधन चक्रवर्ती ने एसबीएसटीसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की.
एसबीएसटीसी के प्रबंधक निदेशक किरण कुमार गोदाला, डी सिन्हा व यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे. कुलपति डॉ चक्रवर्ती ने कहा कि यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक अधिकारियों एवं अध्यापक काफी दूर दराज के इलाकों से यूनिवर्सिटी आते हैँ.
यूनिवर्सिटी से उन्हें लाने, ले जाने के लिए कई वाहनों की व्यवस्था की गयी है. यूनिवर्सिटी के दूर दराज के अंचलों से आने वाले अधिसंख्य विभागीय छात्र- छात्राओं को भी यूनिवर्सिटी स्तर से लाने ले जाने के लिए वाहन दिये गये हैँ. उन्होने कहा कि वर्तमान समय में प्रदूषण बढ़ता जा रहा है.
एसबीएसटीसी स्तर से दिये गये फ्यूल इंधन वाहनों को सीएनजी में बदलने को लेकर प्रथम चरण की बैठक की गयी. उन्होंने कहा कि दूषण पैदा करने वाले वाहनों के स्थान पर सीएनजी वाहनों को उपयोग में लाये जाने की योजना है.
इससे वायू प्रदूषण को नियंत्रित करना संभव हो सकेगा. यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक कार्यक्रमों में शामिल होने वाले दूर दराज के छात्राओं के मांग पर एसबीएसटीसी से एक अतिरिक्त बस के परिचालन की भी मांग की गयी है. उन्होंने कहा कि इससे स्टूडेंटस को आने जाने में आसानी होगी.
चार दिवसीय मत्स्य पालन शिविर का समापन
नितुरिया. नितुरिया प्रखंड के गोबाग स्थित नितुरिया पंचायत समिति के सामुदायिक भवन में आयोजित चार दिवसीय मत्स्य पालन शिविर का समापन शुक्रवार को हुआ. मछली का जीरा रखने के लिए हाड़ी तथा प्रशिक्षितों को प्रमाण पत्र उपलब्ध दिये गये.
विधायक पूर्णचन्द्र बाउरी, नितुरिया पंचायत समिति अध्यक्ष सरस्वती टुडू सोरेन, उपाध्यक्ष शांतिभूषण प्रसाद यादव, जिला परिषद के सदस्य निर्मल कुमार राउत, प्रखंड के बीडीओ अजय सामंत उपस्थित थे. चार दिवसीय शिविर का उदघाटन आठ जनवरी को किया गया था. जिसमे इलाके के मत्स्य जीवियों को बेहतर मछली पालन की जानकारी देने के लिए बुलाया गया था.
