आसनसोल : काजी नजरूल यूनिवर्सिटी (केएनयू) प्रबंधन ने कामकाज में गतिशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के उद्देश्य से सभी विभागिय कार्यों को तकनीकी स्तर पर ऑनलाईन कर दिया है. इसके बावजूद स्टूडेंटस की समस्याएं सुलझने के बावजूद और उलझती जा रही हैं.
यूनिवर्सिटी द्वारा विभागीय कामकाज को डिजिटलाईज एवं आन लाईन करने के बावजूद स्टूडेँटस को यूनिवर्सिटी के इस कदम का इसका फायदा नहीं मिल पा रहा है. गुरूवार को सैकड़ों परीक्षार्थी अपना रिजल्ट नहीं देख सके. क्योंकि यूनिवर्सिटी से मिले नंबर से रिजल्ट नहीं खुला. उन्हें काफी परेशानी हुई. परेशान स्टूडेंटस ने विभागिय प्रक्रियाओं को ऑनलाईन के साथ ऑफ लाइन करने की मांग की.
यूनिवर्सिटी के अधिन संचालित स्नातकस्तरीय कॉलेजों के स्टूडेंटस ने गुरूवार को प्रथम सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम ऑनलाईन प्रक्रिया से न जान पाने के प्रतिवाद में यूनिवर्सिटी के समक्ष प्रदर्शन किया और रजिस्ट्रार से सहयोग की मांग की. यूनिवर्सिटी के समक्ष प्रदर्शन में शामिल आसनसोल बीबी कॉलेज, बीसी कॉलेज, आसनसोल गर्ल्स कॉलेज के तृतीय सेमेस्टर के छात्र शामिल थे.
उन्होंने कहा कि मंगलवार को यूनिवर्सिटी स्तर से प्रथम सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम प्रकाशित कर दिये गये. यूनिवर्सिटी द्वारा सभी कार्यों के डिजिटलाइजेशन किये जाने के तहत परीक्षा परिणाम जानने के लिए प्रत्येक स्टूडेंटस को अलग अलग इमेल आईडी और पासवार्ड आवंटित किये गये हैँ.
परंतु ऑनलाईन परीक्षा परिणाम जानने के लिए जब स्टूडेंटस निकटवर्ती साईबर कैफे या स्मार्ट फोन में लॉग ईन कर स्टूडेंटस आईडी पासवार्ड डाल रहे हैँ तो अधिकांश स्टूडेंटस के आइडी पासवर्ड इनवैलिड या गलत बताया जा रहा है.
तीन से चार बार के प्रयास के बाद स्टूडेंटस को आवंटित आईडी कंप्यूटर स्क्रीन पर स्वत: ही ब्लॉक हो जा रहा है. विवश होकर यूनिवर्सिटी में आने को बाध्य हुए हैं.
कुछ छात्राओं ने कहा कि अभिभावक पुराने समय के हैँ इन तकनीकी बातों को समझ नहीं पा रहे हैँ. अभिभावक अपने बच्चों से कह रहे हैं कि परीक्षा परिणाम खराब होने के कारण वे उनसे छिपा रहे हैँ. वे दोहरे दबाव में हैं.
यूनिवर्सिटी के तकनीकी विभाग द्वारा क्रमवार ढंग से स्टूडेंटस के ब्लॉक आईडी को पुन खोला गया और आइडी पासवार्ड को अच्छी तरह से याद रखने का निर्देश दिया गया. स्टूडेंटस ने कहा कि तीन सेमेस्टरों के लिए तीन अलग अलग आईडी पासवार्ड आवंटित किये गये हैँ. इससे भी एक नयी परेशानी बढ़ी है.
ज्ञात हो कि कुलपति डॉ साधन चक्रवर्ती के निर्देश पर यूनिवर्सिटी के विभागीय कार्यों नामांकन, आवेदन फॉर्म भरना, मेधा सूचि तालिक प्रकाशन, अंकों के आधार पर दाखिले के लिए चयनित स्टूडेंटस के दाखिले की प्रक्रिया, परीक्षा का आयोजन और परीक्षा परिणाम की घोषणा आदि सभी कार्यों को ऑनलाईन कर दिया गया था.
