आसनसोल : जिला कार्यालय के इस्टेब्लिसमेन्ट विभाग के सहायक सुपरवाइज़र व हेड क्लर्क (एएसएचसी) गौतम चटर्जी, अपर डिवीजन क्लर्क (यूडीसी) माधव गोस्वामी और यूडीसी सौमेन का तबादला करने तथा सोमवार को जारी तबादला आदेश को रद्द करने की मांग को लेकर इसी विभाग के यूडीसी शुभंकर बनर्जी ने जिलाशासक कार्यालय के समक्ष सोमवार से भूख हड़ताल आरम्भ कर दी.
श्री बनर्जी का तबादला यहां से कांकसा प्रखण्ड कार्यालय में हुआ है. उन्होंने बताया कि पिछले दो साल में उनका चार बार विभिन्न विभागों में तबादला किया गया. उन्हें मानसिक और शारीरिक तौर पर परेशान करने के लिए यह किया जा रहा है. उन्होंने उक्त तीन कर्मियों पर तबादला को लेकर भारी गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है. जिलाशासक शशांक सेठी ने कहा कि तबादला के आधार पर उन्हें अपने कार्य पर मंगलवार योगदान देना होगा वर्ना कार्रवाई की जायेगी.
दुर्गापुर बी जोन के निवासी शुभंकर बनर्जी के पिता की मौत आमरी अग्नि कांड कोलकाता में हुयी थी. राज्य सरकार से उन्हें अनुकंपा के आधार पर वर्ष 2012 में लोअर डिवीजन क्लर्क के पद पर नौकरी मिली. उनकी पहली पोस्टिंग बर्दवान जिला मुख्यालय में हुयी. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मानविकता के आधार पर उनका तबादला घर के पास दुर्गापुर महकमा में करने का आदेश प्रशासन को दिया. इसके उपरान्त उनका तबादला दुर्गापुर महकमा कार्यालय में सहायक नाजिर के पद पर हुआ.
चार साल दुर्गापुर में रहने के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत 24 घंटे के अंदर श्री बनर्जी और वहां के नाजिर अनुपम मुखर्जी का तबादला पुनः बर्दवान में हो गया. बर्दवान से श्री बनर्जी का तबादला पुनः दुर्गापुर में हुआ लेकिन यह आदेश रद्द कर उन्हें आसनसोल महकमा कार्यालय में भेजा गया. यहां से उन्हें दुर्गापुर फरीदपुर प्रखण्ड फिर जिला कार्यालय और अब कांकसा प्रखण्ड में उनका तबादला आदेश जारी हुआ है.
इस आदेश को रद्द करने और आदेश बनाने वाले उक्त तीन कर्मियों का तबादला करने की मांग को लेकर उन्होंने जिलाशासक, अतिरिक्त जिलाशासक और आसनसोल सदर के महकमा शासक को सोमवार ज्ञापन दिया. सभी अधिकारियों ने उन्हें कार्य पर योगदान करने को कहा. अधिकारियों के निर्णय से नाराज श्री बनर्जी अपनी मांगों को लेकर जिलाशासक कार्यालय के समक्ष भूख हड़ताल पर बैठ गये. उन्होंने कहा जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती वे आंदोलन जारी रखेंगे. सनद रहे कि बर्दवान में भी वे इस तरह आंदोलन कर चुके हैं.
