बंगाली भाजपा के साथ हैं या नहीं यह चुनाव ही बतायेगा : दिलीप
कोलकाता : अमित शाह के बुलावे पर आनन-फानन में दिल्ली पहुंचे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने महानगर छोड़ने से पूर्व कहा कि दुष्प्रचार कर तृणमूल कांग्रेस राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण कानून को लेकर लोगों को भड़काने में लगी है. दिल्ली में मुख्यमंत्री इस मुद्द पर गृहयुद्द की आशंका जता रही है, तो बंगाल में उनके […]
कोलकाता : अमित शाह के बुलावे पर आनन-फानन में दिल्ली पहुंचे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने महानगर छोड़ने से पूर्व कहा कि दुष्प्रचार कर तृणमूल कांग्रेस राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण कानून को लेकर लोगों को भड़काने में लगी है. दिल्ली में मुख्यमंत्री इस मुद्द पर गृहयुद्द की आशंका जता रही है, तो बंगाल में उनके पार्टी के नेता मतुआ समाज को भड़का कर रेल और सड़क रोक कर लोगों को परेशानी में डाल रही है. दरअसल तृणमूल कांग्रेस देश हित को लेकर खिलवाड़ कर रही है. ऐसा नहीं होना चाहिए. यह देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा है.
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी जिस तरह तुष्टिकरण की राजनीति करती हैं, वह एक वर्ग विशेष के लिए सीमित रहता है. अगर वह वाकई लोगों का भला चाहती हैं, तो वह भारत के आठ राज्यों में हिंदुओं के अल्पसंख्यक होने का मामला सामने लाकर वहां पर बहुसंख्यकों को अल्पसंख्यक का लाभ उठाने के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए अल्पसंख्यक हिंदुओं के हित की बात करतीं.
लेकिन वह ऐसा नहीं कर रही हैं. उल्टे असम में अपनी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सुब्रत बख्शी और मंत्री फिरहाद हकीम को भेजकर लोगों को भड़काने का काम कर रही हैं. दिलीप ने कहा कि त्रिपुरा और असम में बंगाली समाज ने भाजपा को वोट दे कर सत्ता में लायी है. घुसपैठिये और शरणार्थी के मुद्दे पर भाजपा की स्पष्ट नीति है.
ऐसे में ममता बनर्जी बांग्लाभाषी मुस्लिमों को बांग्लादेशी घुसपैठियों को और हिंदू बंगालियों को एक करके गुमराह कर रही हैं. जबकि हकीकत इससे दूर है. यह बात बंगाल के लोग भी जानते हैं. इसलिए वे चुनाव में जता देंगे कि लोग भाजपा के साथ है या नहीं.
वर्ष 2019 में ही ममता बनर्जी को अपने भविष्य का अंदाजा हो जायेगा. जिस तरह राष्ट्रपति चुनाव के समय उनका सपना चूरचूर हुआ था. उसी तरह इस बार प्रधानमंत्री बनने का जो ख्वाब वह देख रही हैं, वह भी बिखर जायेगा.