बाढ़ व बारिश से पूर्व मेिदनीपुर में कहर, कई इलाकों में फसल व फूल-फलों की खेती नष्ट
हल्दिया : लगातार बारिश व बाढ़ की स्थिति के कारण पूर्व मेदिनीपुर में भारी नुकसान हुआ है. धान की खेती में करीब 300 करोड़ और फूल व सब्जी की खेती में करीब 800 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है.
यानी कुल नुकसान करीब 1100 करोड़ रुपये का हुआ है. भारी बारिश व पांसकुड़ा में बाढ़ की स्थिति के कारण जिन इलाकों में पानी भर गया है, वहां खेतीबाड़ी को भारी नुकसान हुआ है. जिले के कृषि विभाग ने ब्लॉक आधार पर नुकसान की सूची बनायी है. यह सूची सरकार के पास मुआवजे के लिए भेज दी गयी है. जिला कृषि विभाग के सूत्रों के मुताबिक जिले में हजारों हेक्टेयर जमीन पर फसल भारी बारिश से पूरी तरह नष्ट हो गयी है. जिले के पांसकुड़ा, कोलाघाट, नंदकुमार, तमलुक, खेजुरी, नंदीग्राम, कांथी के कुछ इलाकों में सबसे अधिक नुकसान हुआ है.
धान व पाट में 344 करोड़ 42 लाख 85 हजार रुपये का नुकसान हुआ है. छह हजार 120 हेक्टेयर की जमीन पर लगी सब्जी नष्ट हुई है. तीन हजार 170 हेक्टेयर जमीन पर पान की फसल नष्ट हो गयी है. इसके नुकसान का परिमाण करीब 828 करोड़ 82 लाख 80 हजार रुपये है. जिले के सह कृषि निदेशक मृणालकांति बेरा ने कहा कि भारी बारिश से जिले के विभिन्न इलाकों में धान, फूल, सब्जी, पान की फसल को नुकसान पहुंचा है. ब्लॉक स्तर से नुकसान की सूची तैयार कर राज्य के कृषि विभाग में भेज दी गयी है.
हावड़ा : दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) की ओर से फिर पानी छोड़े जाने पर ग्रामीण हावड़ा में बाढ़ की हालत अभी भी बनी हुई है. उदयनारायणपुर के 10 ग्राम पंचायत व आमता का छह ग्राम पंचायत पूरी तरह बाढ़ की गिरफ्त में है.
निगम की ओर से रोजाना पानी छोड़े जाने पर बाढ़ का पानी घट नहीं रहा है. ग्रामीणों की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है. बताया जा रहा है कि करीब 150 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं. बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 70 से अधिक कैंप खोले गये हैं. पीड़ितों को कैंप में खिलाया जा रहा है. जो पीड़ित कैंप तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, उनके घरों तक खाना पहुंचाया जा रहा है.
कैंप में दवाईयां भी रखी गयी हैं. पुलिस के साथ-साथ तृणमूल कांग्रेस के सभी नेता कैंप पर नजर बनाये रखे हुए हैं. तृणमूल कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष व विधायक पुलक राय ने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद के लिए प्रशासन पूरी तरह से चौकस है. कैंप में खाद्य समाग्री की समुचित व्यवस्था है. खुद मुख्यमंत्री भी यहां के हालात पर नजर रखी हुई हैं.
