पिछले दिनों लगातार हुयी बारिश से नगर निगम के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन गयी थी. प्रभावितों को राहत तथा संक्रामक बीमारियों की रोकथाम का मुद्दा संबंधित पार्षदों ने उठाया. साथ ही जल समाव के स्थायी समाधान के लिए गारूई नदी की सफाई के लिए दो करोड़ की योजना के डीपीआर को मंजूरी दी गयी.
आसनसोल : आसनसोल नगर निगम के न्यू मिटींग हॉल मुखोमुखी में नगर निगम बोर्ड की बैठक शुक्रवार को चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी की अध्यक्षता में हुई. चेयरमैन श्री चटर्जी ने बोर्ड की पिछली बैठक में लिए गये प्रस्तावों को पारित कराया. निगम के पार्षदों ने बारिश से प्रभावित लोगों को राहत देने, इलाकों में संक्रमण से बचाव के लिए दवा, स्प्रे का छिड़काव करने, बरसात से इलाके में ड्रेन के जाम होने, कूडा कर्कट साफ करने की मांग की.
पार्षद दीपक साव ने रामकिसन डंगाल में आने वाली बाढ़ के स्थायी समाधान की मांग की. चेयरमैन श्री चटर्जी ने प्रभावितों के लिए नगर निगम स्तर से चल रहे राहत तथा बचाव कार्य की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि मेयर जितेंद्र तिवारी के निर्देश पर बाढ़ प्रभावितों को राहत देने के लिए निगम स्तर से प्रत्येक वार्ड में 50 तिरपाल और क्षतिग्रस्त आवासों की मरम्मत के लिए दो हजार रूपये के आर्थिक अनुदान की घोषणा की जा चुकी है.
स्थानीय पार्षद के अनुशंसा पर ही आर्थिक अनुदान मिलेगा. मेयर श्री तिवारी ने कहा कि नगर निगम एक परिवार की तरह है. नागरिकों के हर सुख- दु:ख में निगम साथ है. नागरिकों को हो रही परेशानियों क ो देखते हुए राहत की घोषणा की गयी है. प्रभावित इलाकों में कीटनाशकों रसायनों का छिड़काव होगा. बीमार जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य परिसेवा दी जायेगी. स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों से मिलें. चिकित्सा सहयोग और दवा दी जायेगी. बैठक में 29 जुलाई को ईश्वरचंद विद्यासागर की पुण्यतिथि पर नगर निगम स्तर से श्रद्धांजलि देने का निर्णय लिया गया.
नगर निगम अंतर्गत अन्य संस्थानों सेल आइएसपी, अड्डा, पीडब्ल्यूडी की सड़कों को उनके स्तर से मरम्मत करने का आग्रह किया जायेगा. प्रत्येक वार्ड की स्ट्रीट लाइट, एलक्ष्डी लाइट की मरम्मत किये जाने का निर्देश दिया गया. प्रत्येक वार्ड में विकासमूलक कार्यो के निष्पादन के लिए 10 दिनों के अंदर वार्ड कमेटी गठित किये जाने का निर्देश दिया गया. गारूई नदी के संस्कार और सफाई कार्य के लिए दो करोड रूपये के डीपीआर को बैठक के दौरान स्वीकृति दी गयी. गारूई नदी के संस्कार को लेकर मेयर श्री तिवारी के निर्देश पर कमेटी गठित की गयी है.
कमेटी में मेयर चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी को संयोजक, सदस्यो में परिषद सदस्य (क्रीडा एवं संस्कृति) अभिजीत घटक, बोरो चेयरमैन गुलाम सरवर, पार्षदों दिपक साव, नसीम अंसारी को शामिल किया गया है. नगर निगम के अधिक्षण अभियंता सुकमल मंडल के नेतृत्व में कमेटी सदस्यों ने गारूई नदी का निरीक्षण कर जांच र्पिोट सौंपी थी. जांच र्पिोर्ट में गारूई नदी की जल वाहक क्षमता प्रभावित होने के लिए नदी संलगA इलाकों के निकट अवैध कब्जा कर मकान, दुकान बनाने और किनारों पर रह रहे लोगों के नदी में कूड कर्कट फेंके जाने को जिम्मेवार बताया था. श्री चटर्जी ने बताया दो करोड़ की लागत से गारूई नदी के तलहटी में जमा गंदगी को साफ किया जायेगा.
उपमेयर तबस्सुम आरा, चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी, मेयर परिषद सदस्य (क्रीडा एवं संस्कृति)अभिजीत घटक, मेयर परिषद सदस्य (स्वास्थ्य) दिव्येंदू भगत, मेयर परिषद सदस्य (रोजगार एवं आदिवासी उन्नयन) श्याम सोरेन, मेयर परिषद सदस्य (जल सप्लाइ) पूर्णशशि राय, मेयर परिषद सदस्य अल्पसंख्यक (उन्न्यन) मीर हासीम, अधीक्षण अभियंता सुकमल मंडल, सचिव प्रलय सरकार, बोरो चेरमैन गुलाम सरवर, अनिमेष दास, संगीता शारदा, मानस दास, समीत माजी, बेबी बाउरी, पार्षदों में आरीज जलीस, शिवदास चटर्जी, विवेक बनर्जी, विनोद यादव, श्रवण साव, भृगु ठाकुर, आशा शर्मा, कंचन कांति तिवारी, रामचंद्र नोनिया, बैबी खातून, पंपा भटटाचार्या, राखी कर्मकार, कविता यादव, नरेंद्र मुमरू, सीके रेश्मा रामाकृष्णन, श्रवणी मंडल आदि उपस्थित थीं.
उपमेयर, कांग्रेसी पार्षद के बीच तेज हुआ वाद-विवाद
बैठक के दौरान 25 जुलाई को वार्ड 104 अंतर्गत सांकतोडिया बाजार के मयलागादा के निकट उपमेयर तबस्सुम आरा और कांग्रेस पार्षद अभिजीत आचार्या के बीच तिरपाल वितरण को लेकर हुए विवाद के बारे में दोंनों पक्षों ने अपने अपने तर्क रखे. पार्षद अभिजीत आचार्या और पार्षद इंद्रानी आचार्या ने बताया कि उस दिन उपमेयर श्री आरा ने औचक मुआयना किया. उन्होंने तिरपाल वितरण करने के लिए नामों की सूची बनाना शुरू किया. पार्षद श्री आचार्या मौके पर पहुंचे और उपमेयर से शिष्टता से बात करते हुए कहा कि क्या वे दो सौ लोगों को तिरपाल देने की गारंटी लेती हैं? इससे उपमेयर सुश्री आरा आक्रोशित हो उठीं.
श्री आचार्या ने कहा कि उपमेयर ने उनके और उनकी पत्नी से र्दुव्यवहार करते हुए कहा वे 28 वार्ड की मालिक हैं. वे उन्हें गिरा देंगी और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी. जिसके बाद विवाद बढता गया. अंत में स्थानीय मयलागादा के लोगों के विरोध जताये जाने पर उपमेयर को वहां से जाना पडा. उपमेयर के द्वारा धमकी दिये जाने को लेकर कुल्टी थाना अंतर्गत सांकतोडिया फांडी में उनके खिलाफ एफआइआर किया गया है.
उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, निगम आयुक्त से शिकायत की गयी है. शिकायत पत्र में उपमेयर सुश्री आरा को नगर निगम के उपमेयर के पद से हटाने और ऐसे किसी व्यक्ति को उपमेयर बनाने की मांग की गयी है जो उपमेयर के पद की गरीमा, मर्यादा को समङो और उसके उपयुक्त हो. श्री आचार्या ने कहा कि उपमेयर नगर निगम अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ र्दुव्यवहार करती हैं, असम्मान करती हैं. उनके पति टिंकू खान नगर निगम कार्यालय में उपमेयर के कक्ष में पूरे दिन बैठे रहते हैं और सरकारी कार्यो में अनाधिकार हस्तक्षेप करते हैं. जिसका उन्हें कोई अधिकार नहीं है. इन सबकी लिखित शिकायत की है.
उपमेयर ने कहा कि उन्हें जो कहना था, उन्होंने मेयर श्री तिवारी से कह दिया है. इस मामले में मेयर श्री तिवारी और चेयरमैन श्री चटर्जी ही आधिकारिक जवाब देंगे. चेयरमैन श्री चटर्जी ने कहा कि मामले को लेकर बैठक में दोनों पक्षों ने अपने अपने तर्क दिये हैं. विवाद के बाद पार्षद श्री आचार्या ने सोशल मीडिया में उपमेयर के बारे में आपत्तिजनक बयान दिया है. जिसको लेकर बैठक में निंदा प्रस्ताव रखा गया.
पार्षद श्री आचार्या ने सोशल मीडिया में उपमेयर को लेकर किये गये बयान को लेकर बोर्ड की बैठक के दौरान गलती मानते हुए माफी मांग ली है. श्री चटर्जी ने कहा कि तथ्य एवं सबूतों के आधार पर मामले की जांच की जायेगी. घटना को लेकर मेयर श्री तिवारी ने किसी प्रकार की जानकारी से इंकार किया.
