दहेज हत्या के आरोप से पति, सास,ससुर बरी

महकमा न्यायालय के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (चतुर्थ) जे चंद्र ने सुनाया फैसला सुनवायी में 17 गवाहों ने दी गवाही, नहीं मिला आरोपियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य कुल्टी थाना की बैजडीह कोलियरी की घटना, 2012 में विवाहिता ने लगायी थी फांसी आसनसोल : वधू उत्पीड़न तथा विवाहिता को आत्महत्या के लिए विवश करने के आरोप में […]

महकमा न्यायालय के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (चतुर्थ) जे चंद्र ने सुनाया फैसला
सुनवायी में 17 गवाहों ने दी गवाही, नहीं मिला आरोपियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य
कुल्टी थाना की बैजडीह कोलियरी की घटना, 2012 में विवाहिता ने लगायी थी फांसी
आसनसोल : वधू उत्पीड़न तथा विवाहिता को आत्महत्या के लिए विवश करने के आरोप में वैजडीह कोलियरी इलाके के निवासी तथा आरोपी पति कृष्णा चौहान, ससुर नंदलाल चौहान तथा सास उषा देवी को साक्ष्य के अभाव में आसनसोल महकमा न्यायालय के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (चतुर्थ) जे चंद्र ने बुधवार को खचाखच भारी अदालत में वाइज्जत वरी कर दिया. इस मामले में सुनवायी के दौरान कुल 17 गवाहों ने गवाही दी है.
क्या है मामला: बिहार के आरा जिले की निवासी संगीता चौहान की शादी मार्च, 2011 में वैजडीह कोलियरी शिवमंदिर के निकट रहने वाले कृष्णा चौहान के साथ हुई थी. शादी के मौके पर सोना चांदी के जेवर, नकदी सहित घरेलू उपयोगी सामग्रियां दी गयी थी. संगीता ने 16 फरवरी, 2012 को फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली थी. मृतका के पिता पतिराम चौहान ने अपने दामाद, सास तथा ससुर के खिलाफ वधू उत्पीड़न तथा आत्महत्या के लिए उनकी बेटी को मजबूर करने से संबंधित आरोप लगाते हुए कुल्टी थाना में लिखित शिकायत दर्ज करायी थी. मामले में वुधवार को सुनवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर बरी कर दिया गया.
आरोपियों के पक्ष में वकालत कर रहे अधिवक्ता सैयद हैदर अली तथा उनके जूनियर सहयोगी अधिवक्ता उमा जैसवारा ने बताया कि मामले में सुनवायी के दौरान कुल 17 गवाहों की गवाही ली गयी. पीड़िता को प्रताड़ित करने का कोई साक्ष्य नहीं था. शादी के बाद पत्नी के साथ मारपीट या प्रताड़ित नहीं किया गया. पति व पत्नी में मधुर संबंध था. दोनों एक दूसरे के ससुराल आते-जाते थे. पीड़िता अपनी मायके में फोन कर खुशी से बात करती थी. लेकिन मृतक के पिता ने तीनों आरोपियों पर सोना का चेन तथा एक लाख रु पये अतिरिक्त दहेज की मांग करने तथा उनकी बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था. आरोप प्रमाणित नहीं होने पर तीनों को वुधवार को न्यायाधीश ने तमाम बिंदुओं पर विचार करते हुए उन्हें वरी कर दिया.
पाइपगन के साथ गिरफ्तार अपराधी गये जेल
आसनसोल. आसनसोल दक्षिण थाना पुलिस ने इलाके में छापेमारी कर विकास यादव तथा हीरा रविदास को गिरफ्तार किया. तलाशी के दौरान उनके पास से पाइपगन व कारतूस बरामद किये गये. दोनो आरोपियों को वुधवार को आसनसोल महकमा कोर्ट में पेश किया गया. एसीजेएम कोर्ट ने उनकी जमानत अरजी खारिज कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >