तृणमूल के अत्याचार से घर से भागे भाजपा कार्यकर्ताओं को वापस भेजने की व्यवस्था करनी होगी : शुभेंदु

नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि जिस तरह से आइपैक और पुलिस ने मिलकर तृणमूल कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में जिताया है उसका जवाब जनता आगामी चुनावों में देगी.

प्रतिनिधि, बर्दवान/पानागढ़ . पूर्व बर्दवान जिले के बर्दवान जिला भाजपा पार्टी कार्यालय रविवार को पहुंचे राज्य विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि जिस तरह से आइपैक और पुलिस ने मिलकर तृणमूल कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में जिताया है उसका जवाब जनता आगामी चुनावों में देगी. पत्रकारों से बातचीत करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हाइकोर्ट के निर्देश के तहत यदि 26 जून तक तृणमूल कांग्रेस के अत्याचार से घर से भागे भाजपा कार्यकर्ताओं को पुलिस और प्रशासन सुरक्षित उनको उनके घर में प्रवेश नहीं कराती है तो वे आगे की कार्रवाई करेंगे. अभी तीन दिन बचे हैं. वे देख रहे है कि पुलिस और प्रशासन की ओर से क्या किया जाता है. जिस तरह से राज्य में अराजकता की स्थिति उत्पन्न हुई है उसके कारण भाजपा कार्यकर्ताओं पर तृणमूल पुनः चुनाव बाद हिंसा का रुख अपना रही है. पुलिस भाजपा कार्यकर्ताओं की कोई मदद नहीं कर रही है. ना ही तृणमूल के खिलाफ कोई शिकायत ही दर्ज कर रही है. रविवार को बर्दवान जिला भाजपा पार्टी कार्यालय में मौजूद घर छोड़ कर रह रहे पीड़ित भाजपा कार्यकर्ताओं से शुभेंदु अधिकारी ने मुलाकात की. श्री अधिकारी ने कहा कि उन्होंने समूचे राज्य से घर से बाहर रह रहे भाजपा कार्यकर्ताओं की सूची ले ली है. करीब साढ़े तीन हजार भाजपा कार्यकर्ता तृणमूल की हिंसा और उसके अत्याचार के कारण अपने परिवार और घर से बाहर हैं. बुधवार को वह इस सूची को हाइकोर्ट में जमा देंगे. ताकि अदालत इस दिशा में राज्य सरकार और पुलिस को उपयुक्त कदम उठाने का निर्देश दे. यह पश्चिम बंगाल के लिए कलंक है. चुनाव बाद हिंसा समूचे भारत के किसी राज्य में नही होती है. केवल बंगाल में ही यह हो रहा है. यह उचित नहीं है. शुभेंदु ने कहा कि पास के ही राज्य ओड़ीसा में सरकार का परिवर्तन हुआ है. भाजपा की सरकार बनी है. लेकिन जनता दल तथा अन्य दल के किसी एक व्यक्ति ने इस तरह की शिकायत मौजूदा सरकार के खिलाफ नहीं की है. उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने भी अनेक सीट जीती है. लेकिन किसी ने इस तरह का शिकायत नहीं की है. वह चाहते हैं कि बंगाल का यह काला अध्याय समाप्त हो. चुनाव बाद इस तरह की राजनीतिक हिंसा बंद हो. यह ट्रेड न बने.

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