Apollo Hospitals Kolkata: चिकित्सा क्षेत्र में तेजी से बढ़ती आधुनिक तकनीकों और भविष्य के हेल्थकेयर पर चर्चा करने के लिए शनिवार को पूर्णिया के मेफेयर होटल में एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक बैठक “स्मार्ट सर्जरी – 2026” का आयोजन किया गया. कोलकाता के अपोलो मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल्स द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर और पटना के जाने-माने डॉक्टर्स और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हुए.
इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य रोबोटिक सर्जरी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), एडवांस्ड इमेजिंग, मिनिमली इनवेसिव प्रोसीजर (कम चीर-फाड़ वाली सर्जरी) और प्रिसिजन रेडियोथेरेपी जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से मरीजों के इलाज को और अधिक सुरक्षित तथा सटीक बनाना था. कॉन्फ्रेंस के मीडिया ब्रीफ का कार्यक्रम हुआ, जिसमें विशेषज्ञों ने कॉन्फ्रेंस के दौरान हुई चर्चा से मीडिया वालों को अवगत कराया.
विशेषज्ञों ने साझा किए अपने अनुभव
क्रिटिकल केयर: डॉ. अर्पण चक्रवर्ती ने बताया कि क्रिटिकल केयर में दिल और फेफड़ों के आपसी संबंध को समझकर फिजियोलॉजी-बेस्ड एकीकृत इलाज रणनीति अपनाना बेहद जरूरी है.
यूरो-ऑन्कोलॉजी: डॉ. तरुण जिंदल ने कहा कि दा विंची रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से यूरोलॉजिकल कैंसर के जटिल ऑपरेशन्स को अब बेहद सटीकता और कम जोखिम के साथ किया जा रहा है.
हेड एंड नेक कैंसर: डॉ. राजीव शरण ने जोर दिया कि आधुनिक तकनीकों से कैंसर पर नियंत्रण पाने के साथ-साथ मरीज के बोलने, निगलने और चेहरे की बनावट को भी सुरक्षित रखा जा सकता है.
न्यूरोसर्जरी व गाइनी ऑन्कोलॉजी: डॉ. देबार्शी चटर्जी ने माइक्रोन्यूरोसर्जरी की मदद से दिमाग और रीढ़ की हड्डी के सुरक्षित ऑपरेशन्स के फायदे बताए, वहीं डॉ. मोनिका मीना ने महिलाओं में होने वाले विभिन्न कैंसर के इलाज में दा विंची Xi रोबोटिक प्लेटफॉर्म की उपयोगिता पर प्रकाश डाला.
रेडिएशन ऑन्कोलॉजी: डॉ. आभा कुमारी ने बताया कि हॉस्पिटल का विभाग IMRT और VMAT जैसी एडवांस्ड प्रिसिजन तकनीकों के जरिए हर मरीज को उनकी जरूरत के अनुसार साक्ष्य-आधारित कैंसर केयर प्रदान कर रहा है. यह आयोजन बिहार और पूर्वी भारत के चिकित्सकों के बीच वैज्ञानिक ज्ञान के आदान-प्रदान और स्वास्थ्य सेवा को अधिक मरीज-केंद्रित (Patient-Centric) बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हुआ.
