नौकरी के नाम पर 1.37 करोड़ ठगने वाले गिरोह के छह सदस्य गिरफ्तार

कभी आइएएस, तो कभी डब्ल्यूबीसीएस अधिकारी बनकर सरकारी नौकरी के अलावा वेंडर लाइसेंस दिलाने के नाम पर लोगों से एक करोड़ 37 लाख रुपये ठगने के मामले में पुलिस ने एक महिला समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

कोलकाता.

कभी आइएएस, तो कभी डब्ल्यूबीसीएस अधिकारी बनकर सरकारी नौकरी के अलावा वेंडर लाइसेंस दिलाने के नाम पर लोगों से एक करोड़ 37 लाख रुपये ठगने के मामले में पुलिस ने एक महिला समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गये आरोपियों के नाम शेख ताजुद्दीन, शिव शंकर बनर्जी, शिवमणि राय, बिनय राय, बलराम बसाक और मीनाक्षी बसाक बताये गये हैं. बहूबाजार थाने में दर्ज ठगी के एक मामले में शामिल होने से जुड़े सबूत हाथ लगने के बाद लालबाजार के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट की टीम ने एक महिला समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया. बुधवार को बैंकशाल कोर्ट में पेश करने पर सभी आरोपियों को 25 जून तक पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया गया.

पुलिस सूत्र बताते हैं कि धोखाधड़ी के एक अन्य मामले में गिरफ्तार होकर ये सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में थे. वहां से इन सभी आरोपियों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया. आरोपियों को गिरफ्तार कर बैंकशाल कोर्ट में पेश करने पर सभी को 25 जून तक पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया गया.

आइएएस व डब्ल्यूबीसीएस अधिकारी बता कर करते थे ठगी : इस गिरोह के सदस्य खुद को आइएएस या डब्ल्यूबीसीएस अधिकारी बताकर जिलों में विभिन्न सरकारी संस्थानों में नौकरी व वेंडर लाइसेंस दिलाने के नाम पर लोगों से लगभग एक करोड़ 37 लाख रुपये ठगे थे. पीड़ितों ने इसकी शिकायत बहूबाजार थाने में दर्ज करायी थी. जांच शुरू करने पर पता चला कि गिरोह के सदस्य इसके पहले भी ठगी के मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं.

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